मासआर्ट सोसाइटी मामले में ED ने कोलकाता में 15 जगह छापेमारी की। दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो के नाम पर धन जुटाने और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच जारी है।
News Saga Desk
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में मासआर्ट (महानिर्वाण रोड मास आर्ट) सोसाइटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। मंगलवार को जांच एजेंसी ने कोलकाता में 15 अलग-अलग स्थानों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। यह कार्रवाई दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो के आयोजन के नाम पर कथित तौर पर जुटाई गई धनराशि के इस्तेमाल की जांच के सिलसिले में की जा रही है। मासआर्ट सोसाइटी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत यह कार्रवाई शुरू की है। जांच के दायरे में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े ठिकाने भी शामिल हैं।
कोलकाता में 15 स्थानों पर ED की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार को शहर के 15 स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई मासआर्ट सोसाइटी द्वारा दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो के आयोजन के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 17 के तहत तलाशी और जब्ती की कार्रवाई शुरू की है। इस कानूनी प्रावधान के तहत जांच एजेंसी को निर्धारित शर्तों के अधीन तलाशी लेने और मामले से संबंधित साक्ष्य जब्त करने का अधिकार प्राप्त है।
कार्रवाई के दौरान विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं से जुड़े ठिकानों की तलाशी ली जा रही है। जांच एजेंसी का उद्देश्य कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल करना है। हालांकि, तलाशी अभियान के दौरान कितनी संपत्ति या नकदी जब्त की गई है, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो के नाम पर धन जुटाने का आरोप
मासआर्ट सोसाइटी मामले की जांच का मुख्य केंद्र दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो के आयोजन के लिए कथित तौर पर जुटाई गई धनराशि है। ईडी के अनुसार, सोसाइटी ने कथित रूप से खुद को यूनेस्को प्रायोजित संस्था के रूप में प्रस्तुत किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दावे के आधार पर आम लोगों से बड़ी रकम एकत्र की गई।

ईडी इस बात की जांच कर रही है कि धन जुटाने के दौरान लोगों को किस तरह की जानकारी दी गई और एकत्र की गई रकम का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया। एजेंसी का आरोप है कि सोसाइटी के माध्यम से जुटाई गई धनराशि का इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया।
हालांकि, ये आरोप जांच एजेंसी की ओर से सामने आए हैं। मामले में वित्तीय लेनदेन की वास्तविक स्थिति और धनराशि के अंतिम इस्तेमाल से संबंधित तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े ठिकाने भी जांच के दायरे में
ईडी की इस कार्रवाई में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े विभिन्न ठिकानों को भी शामिल किया गया है। जांच एजेंसी अलग-अलग व्यक्तियों और संस्थाओं से जुड़े परिसरों की तलाशी लेकर मामले से संबंधित जानकारी जुटा रही है।
पूर्व मंत्री से जुड़े ठिकानों को कार्रवाई में शामिल किए जाने के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छापेमारी में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका और कथित वित्तीय अनियमितताओं से उनके संबंधों के बारे में विस्तृत निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।
जांच एजेंसी की कार्रवाई को फिलहाल तलाशी और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए। केवल किसी व्यक्ति या संस्था के परिसर में तलाशी होने से उसके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं हो जाते।
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