गया के डोभी स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी (IMC) में 24 अक्टूबर से औद्योगिक भूखंडों का आवंटन शुरू। जानें निवेश, रोजगार और नई औद्योगिक नीतियों से जुड़ी सभी खास बातें।
बिहार की औद्योगिक तस्वीर तेजी से बदल रही है। राज्य के विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए गया के डोभी स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी (IMC) में औद्योगिक भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया 24 अक्टूबर से शुरू हो रही है। उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने सूचना भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान इस बात की आधिकारिक घोषणा की। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न केवल गया बल्कि पूरे दक्षिण बिहार में आर्थिक गतिविधियों को पंख लगने की उम्मीद है।

₹1.21 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
प्रेस वार्ता के दौरान उद्योग मंत्री ने जानकारी दी कि बिहार में वर्ष 2025 से अब तक 1,21,000 करोड़ रुपये से अधिक के 1,091 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन बड़े निवेश प्रस्तावों के जरिए राज्य में 69 हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही, राज्यभर में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए 14,600 एकड़ से अधिक का विशाल लैंड बैंक भी तेजी से तैयार किया जा रहा है।
डोभी IMC पोर्टल का शुभारंभ और सिंगल विंडो सिस्टम
निवेशकों की सुगमता के लिए गया के डोभी में विकसित की जा रही इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी के लिए एक समर्पित पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए आवेदन करने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने में भारी सुविधा होगी।
व्यवसाय और उद्योग स्थापित करने की जटिल प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उद्देश्य से विभाग ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल को पूरी तरह से उन्नत किया है। अब निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, क्योंकि 9 विभागों की 62 प्रमुख सेवाएं अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा दी गई हैं। इस पोर्टल के ‘नो योर अप्रूव’ (KYA) मॉड्यूल की मदद से निवेशक उद्योग लगाने से पहले ही जरूरी स्वीकृतियों की आसानी से पहचान कर सकते हैं।
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