गिरिडीह में मधुमक्खियों के जानलेवा हमले से 61 वर्षीय किसान की मौत, सिजुआ गांव में पसरा मातम

NEWS SAGA DESK
झारखंड के गिरिडीह जिले से एक दुखद और हिला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मधुमक्खियों के अचानक हुए जानलेवा हमले में एक 61 वर्षीय बुजुर्ग किसान की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। यह पूरा मामला बेंगाबाद थाना क्षेत्र की मोतीलेदा पंचायत के अंतर्गत आने वाले सिजुआ गांव का है। मृतक किसान की पहचान इसी गांव के निवासी 61 वर्षीय महादेव यादव के रूप में की गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही पूरे सिजुआ गांव में सन्नाटा और शोक का माहौल व्याप्त है, वहीं मृतक किसान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

खेत में काम करने के दौरान मधुमक्खियों ने किया अचानक हमला प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान महादेव यादव शाम लगभग चार बजे अपने घर के पास स्थित खेत में खेती-बाड़ी का दैनिक कार्य निपटा रहे थे। वे अपने काम में मग्न थे कि तभी अचानक कहीं से आए मधुमक्खियों के एक बड़े और आक्रामक झुंड ने उन पर हमला बोल दिया। इससे पहले कि महादेव यादव संभल पाते या किसी सुरक्षित स्थान की ओर भाग पाते, सैकड़ों की संख्या में मधुमक्खियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। मधुमक्खियों ने उनके सिर, चेहरे और शरीर के कई हिस्सों में डंक मार-मारकर उन्हें पूरी तरह से लहूलुहान कर दिया।

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मधुमक्खियों के अत्यधिक काटने और उनके जहर के कारण महादेव यादव की स्थिति मौके पर ही बेहद गंभीर हो गई। उनकी चीख-पुकार सुनकर तथा घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और आसपास के स्थानीय लोग दौड़कर खेत में पहुंचे। लोगों ने भारी मशक्कत के बाद किसी तरह मधुमक्खियों को भगाया और अचेत स्थिति में महादेव यादव को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की एक टीम ने उनकी जान बचाने के लिए भरसक प्रयास किए और त्वरित प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की, लेकिन शरीर में अत्यधिक विष फैलने और स्थिति में सुधार न होने के कारण अंततः इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

किसान की असमय मौत से परिवार में पसरा मातम महादेव यादव की इस तरह अचानक हुई दर्दनाक मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे अपने परिवार के मुख्य आधार स्तंभ थे और खेती-बाड़ी के जरिए ही परिवार का भरण-पोषण करते थे। जैसे ही उनके निधन की खबर सिजुआ गांव और आसपास के इलाकों में फैली, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। भारी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने इस अप्रत्याशित घटना पर गहरा दुख और संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि महादेव यादव एक सीधे-साधे और मेहनती किसान थे। उनकी असमय विदाई से गांव ने एक बेहद प्रिय सदस्य को खो दिया है।

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