News Saga Desk
झारखंड में सामने आए ट्रेजरी घोटाले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस मामले में सरकार सख्त नजर आ रही है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने साफ कर दिया है कि घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा है कि सिर्फ एक-दो जिलों की नहीं, बल्कि पूरे राज्य के सभी कोषागारों की जांच कराई जाएगी। गढ़वा दौरे के दौरान मंत्री ने बताया कि साल 2000 से लेकर 2026 तक के सभी ट्रेजरी मामलों की व्यापक जांच होगी। यानी पुराने मामलों की भी फाइलें खोली जाएंगी।
झारखंड के 24 जिलों में मौजूद 33 ट्रेजरी अब जांच के दायरे में होंगे। शुरुआती जांच में करीब 30 से 40 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। खासकर बोकारो और हजारीबाग को इस घोटाले का मुख्य केंद्र माना जा रहा है।
हालांकि, सरकार का मानना है कि ये सिर्फ शुरुआती आंकड़े हैं और जांच आगे बढ़ने पर घोटाले की रकम और भी बढ़ सकती है। सबसे अहम बात सरकार अब सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि रिकवरी के मूड में है। वित्त मंत्री ने कहा है कि दोषियों की चल और अचल संपत्ति जब्त की जाएगी। मकान, जमीन और अन्य संपत्तियों को बेचकर सरकारी पैसा वसूला जाएगा।
मंत्री ने यह भी बताया कि इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री से चर्चा हो चुकी है और सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाने का फैसला किया है।विशेषज्ञों का मानना है कि निगरानी तंत्र की कमजोरी और सिस्टम में खामियों के कारण यह घोटाला इतने लंबे समय तक चलता रहा।
No Comment! Be the first one.