रांची के हरमू रोड मॉडल कॉरिडोर परियोजना के तहत 48 भवनों को नोटिस, 340 प्रतिष्ठान बिना ट्रेड लाइसेंस मिले। अवैध होर्डिंग हटाने और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।
हरमू रोड मॉडल कॉरिडोर परियोजना को लेकर रांची नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है। शहर की प्रमुख सड़कों में शामिल हरमू रोड को अतिक्रमण मुक्त, व्यवस्थित और आधुनिक शहरी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से निगम ने अवैध निर्माण, अतिक्रमण, बिना ट्रेड लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठानों और फुटपाथ पर लगे अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है।
इसी क्रम में नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने सोमवार को निगम की विभिन्न शाखाओं के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

48 भवनों को जारी किया गया नोटिस
हरमू रोड मॉडल कॉरिडोर की समीक्षा के दौरान नक्शा शाखा ने जानकारी दी कि अब तक कुल 48 भवनों को नोटिस जारी किया गया है।
इनमें—
- 19 भवनों पर निर्धारित सेटबैक का उल्लंघन और सड़क भूमि पर अतिक्रमण का आरोप है।
- 21 भवनों में अवैध निर्माण की शिकायत मिली है।
- 8 भवनों में आवासीय परिसर का व्यावसायिक उपयोग किए जाने की बात सामने आई है।
नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों में सात दिनों के भीतर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अवैध होर्डिंग हटाने के लिए तीन दिन की मोहलत
नगर निगम की बाजार शाखा ने बताया कि 52 अवैध मोनोपोल, यूनिपोल और होर्डिंग्स की पहचान की गई है, जो फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए हैं।
इन सभी पर नोटिस चस्पा कर संबंधित व्यक्तियों को तीन दिनों के भीतर स्वयं हटाने का निर्देश दिया गया है। यदि निर्धारित अवधि में होर्डिंग्स नहीं हटाए गए, तो नगर निगम उन्हें हटाकर कार्रवाई की लागत संबंधित पक्षों से वसूल करेगा।
340 प्रतिष्ठानों के पास नहीं मिला ट्रेड लाइसेंस
हरमू रोड मॉडल कॉरिडोर क्षेत्र में चल रहे निरीक्षण के दौरान राजस्व शाखा ने पाया कि 340 दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास वैध ट्रेड लाइसेंस नहीं है।
सभी प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि बिना वैध ट्रेड लाइसेंस संचालित होने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
रांची नगर निगम हरमू रोड को शहर के एक आदर्श मॉडल कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य केवल सड़क का विकास करना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।
इसके तहत सड़क किनारे अवैध निर्माण हटाने, फुटपाथ को खाली कराने, पार्किंग व्यवस्था सुधारने, ट्रैफिक संचालन को बेहतर बनाने और व्यापारिक गतिविधियों को नियमानुसार संचालित कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
शहर की व्यवस्था पर पड़ेगा असर
नगर निगम की इस कार्रवाई से हरमू रोड पर यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। फुटपाथ खाली होने से पैदल चलने वालों को सुविधा मिलेगी, जबकि अवैध निर्माण हटने से सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्यों में तेजी आएगी।
इसके अलावा, बिना ट्रेड लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई से नगर निगम के राजस्व में भी वृद्धि होने की संभावना है और व्यवसायों में नियमानुसार संचालन को बढ़ावा मिलेगा।
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नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने समीक्षा बैठक में कहा कि हरमू रोड मॉडल कॉरिडोर केवल सड़क निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि यह एक व्यवस्थित, सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त शहरी वातावरण विकसित करने की पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नक्शा, ट्रेड लाइसेंस, अतिक्रमण और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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