NEWS SAGA DESK
जामताड़ा :- जामताड़ा समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार के दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। जामताड़ा के उपायुक्त आलोक कुमार ने अपने चैंबर से बाहर आकर एक दिव्यांग फरियादी की समस्या सुनी और उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित कराया।
जानकारी के अनुसार, सदर प्रखंड की गोपालपुर पंचायत के रामबारी गांव निवासी दिव्यांग युवक परिमल मिर्धा अपनी समस्या लेकर जनता दरबार में पहुंचा था। परिमल न तो चल सकता है और न ही बोल सकता है। वह अपने परिजनों और स्थानीय मुखिया के सहयोग से किसी तरह समाहरणालय पहुंचा था।
युवक की शारीरिक स्थिति को देखते हुए उपायुक्त आलोक कुमार स्वयं उसके पास पहुंचे और उसके परिजनों से उसकी समस्याओं की जानकारी ली।
आधार कार्ड नहीं बनने से नहीं मिल पा रही थी पेंशन
परिजनों ने उपायुक्त को बताया कि परिमल सामाजिक सुरक्षा पेंशन का पात्र है, लेकिन शारीरिक अक्षमता के कारण उसका बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा था। इसी वजह से उसका आधार कार्ड नहीं बन सका था। आधार कार्ड के अभाव में वह स्वीकृत पेंशन राशि भी प्राप्त नहीं कर पा रहा था और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा था।
इसके अलावा व्हीलचेयर नहीं होने के कारण उसे दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों में भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
अधिकारियों को बुलाकर कराया समाधान
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने तत्काल जिला योजना पदाधिकारी (डीपीओ) और यूआईडीएआई से जुड़े अधिकारियों को मौके पर बुलाया। उन्होंने विशेष परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए युवक का आधार नामांकन शीघ्र कराने का निर्देश दिया।
साथ ही, युवक की सुविधा के लिए अपने कार्यालय से तुरंत एक नई व्हीलचेयर मंगवाकर उसे उपलब्ध कराई गई।
मौके पर ही पूरी हुई प्रक्रिया
उपायुक्त के निर्देश के बाद विशेष कैंप मोड में परिमल मिर्धा की आधार नामांकन प्रक्रिया पूरी कराई गई। कुछ ही समय में उसकी दो प्रमुख समस्याओं—आधार कार्ड नामांकन और व्हीलचेयर की उपलब्धता—का समाधान कर दिया गया।
अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान मिलने पर परिमल मिर्धा, उसके परिजन और साथ आए जनप्रतिनिधि भावुक हो गए। उन्होंने जामताड़ा जिला प्रशासन और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उपायुक्त के मानवीय व्यवहार और तत्परता की सराहना की।
यह घटना प्रशासन और आम जनता के बीच संवेदनशील एवं जवाबदेह व्यवस्था का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई है।
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