ट्रिपल आईटी रांची में छात्र की मौत पर प्रदर्शन, निदेशक के इस्तीफे की मांग

ट्रिपल आईटी रांची में छात्र आदित्य की मौत के बाद प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है। छात्र हॉस्टल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निदेशक के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

News Saga Desk

रांची: ट्रिपल आईटी रांची में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। छात्र की मौत के बाद संस्थान के हॉस्टल में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने कथित लापरवाही के लिए संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव की जिम्मेदारी तय करने और उनके इस्तीफे की मांग की है। सोमवार को संस्थान के चेयरपर्सन छात्रों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू होने से पहले ही गतिरोध की स्थिति बन गई।

छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल हैं। आदित्य की मौत के बाद छात्र संस्थान के प्रबंधन से जवाब मांग रहे हैं। उनका विरोध केवल घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि वे परिसर में छात्रों की सुरक्षा और जरूरत के समय चिकित्सा सहायता की उपलब्धता को लेकर भी अपनी मांगें सामने रख रहे हैं।

दूसरे दिन भी जारी रहा छात्रों का प्रदर्शन

ट्रिपल आईटी रांची में आदित्य की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध सोमवार को भी थमने का नाम नहीं ले रहा था। छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे। इस दौरान संस्थान के प्रशासनिक नेतृत्व की जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांग निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव का इस्तीफा है। उनका आरोप है कि हॉस्टल में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में कथित लापरवाही के मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। छात्रों की मांग है कि घटना से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मिले और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

चेयरपर्सन पहुंचे, लेकिन बातचीत से पहले ही बना गतिरोध

सोमवार को छात्रों के विरोध के बीच संस्थान के चेयरपर्सन उनसे बातचीत करने पहुंचे। उम्मीद थी कि बातचीत के माध्यम से छात्रों की नाराजगी दूर करने और विवाद का समाधान निकालने की दिशा में पहल होगी। हालांकि, प्रदर्शन स्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर ही दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बन गया।

ट्रिपल

जानकारी के अनुसार, चेयरपर्सन आगे बढ़कर छात्रों से बातचीत करना चाहते थे, जबकि प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर अडिग रहे। दोनों पक्षों के रुख में सहमति नहीं बन पाने के कारण बातचीत शुरू होने से पहले ही हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। इस घटनाक्रम के चलते छात्रों और संस्थान प्रबंधन के बीच संवाद की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

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हॉस्टल की चिकित्सा व्यवस्था पर उठे सवाल

आदित्य की मौत के बाद हॉस्टल में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता और जरूरत के समय सहायता मिलने की व्यवस्था चर्चा के केंद्र में है। छात्र इस बात को लेकर जवाब चाहते हैं कि आपात स्थिति में संस्थान के भीतर किस प्रकार की चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहती है और ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं।

छात्रों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती है। ऐसे में घटना के वास्तविक कारणों और चिकित्सा व्यवस्था से संबंधित पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए तथ्यों की जांच जरूरी है। संस्थान की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने पर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

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