भारत ने जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच 36 अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी की। 2028 तक 29 और आयोजनों की तैयारी, 2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक दावेदारी को मिलेगा बल।
भारत वैश्विक खेल आयोजनों का केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच देश ने 15 से अधिक शहरों में 36 अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी कर अपनी आयोजन क्षमता का मजबूत प्रदर्शन किया है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत अब 2030 राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) की मेजबानी की तैयारी तेज कर रहा है और 2036 ओलंपिक एवं पैरालंपिक की मेजबानी की दावेदारी को भी मजबूत बना रहा है।

36 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी
भारत वैश्विक खेल आयोजनों का केंद्र बनने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रहा है। पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान देश में विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, विश्व कप, अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट और महाद्वीपीय क्वालीफायर जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों का सफल संचालन किया गया।
इन प्रतियोगिताओं में एथलेटिक्स, हॉकी, बैडमिंटन, निशानेबाजी, मुक्केबाजी, टेबल टेनिस, फुटबॉल, एक्वेटिक्स, पैरा स्पोर्ट्स, शतरंज, साइक्लिंग, फेंसिंग, वॉलीबॉल, रग्बी और सर्फिंग सहित कई खेल शामिल रहे। इनमें से कई प्रतियोगिताओं का आयोजन पहली बार भारत में हुआ।
2028 तक 29 और अंतरराष्ट्रीय आयोजन प्रस्तावित
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बताया कि वर्ष 2026 के शेष महीनों में भारत में 11 और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इनमें राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप, विश्व स्नूकर चैंपियनशिप, पैरा तीरंदाजी एशिया कप, वर्ल्ड सर्फ लीग, एशियाई जूनियर शतरंज चैंपियनशिप तथा अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन, फुटबॉल और रग्बी प्रतियोगिताएं प्रमुख हैं।
इसके अलावा 2027 और 2028 के दौरान 19 बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के अधिकार भी भारत को मिल चुके हैं। इस तरह 2028 तक कुल 29 और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की तैयारी की जा रही है।
2030 और 2036 की मेजबानी के लिए मजबूत होगी दावेदारी
भारत वैश्विक खेल आयोजनों का केंद्र बनने के साथ 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी भी मजबूत कर रहा है।
डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि देश के विभिन्न शहरों में लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन होने से खेल अवसंरचना, तकनीकी दक्षता और आयोजन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे भविष्य के बड़े वैश्विक आयोजनों की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी और मजबूत होगी।
कई शहर बन रहे अंतरराष्ट्रीय खेल हब
नई दिल्ली, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, चेन्नई, गोवा, गुवाहाटी, राजगीर, पटना, हैदराबाद, पुणे, लखनऊ और महाबलीपुरम जैसे शहर लगातार अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।
इन शहरों में आधुनिक खेल सुविधाओं और बेहतर आयोजन क्षमता के कारण भारत वैश्विक खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
Background
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने खेल अवसंरचना के विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के निर्माण और खेल आयोजनों की मेजबानी पर विशेष ध्यान दिया है। सरकार का उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू स्तर पर विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा उपलब्ध कराना और देश को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है।
Impact
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी से भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू मैदान पर विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा। इससे विदेशी दौरों पर होने वाला खर्च कम होगा, खेल अधिकारियों और स्वयंसेवकों का अनुभव बढ़ेगा तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और खेल उद्योग को भी लाभ मिलेगा। साथ ही देश में खेल संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी।
Official Statement
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि 15 से अधिक शहरों में प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन से भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी है और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों तथा 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए देश की तैयारियां और मजबूत हुई हैं।
इसे भी देखें…Ranchi University Latest News | प्रोफेसर नियुक्ति, प्रमोशन और Regional Students पर बड़ा खुलासा
Public Information
भारत में 2025 से 2028 के बीच 65 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की पुष्टि हो चुकी है। इससे खिलाड़ियों, खेल संघों, स्वयंसेवकों और खेल प्रबंधन से जुड़े युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध होंगे तथा देश का खेल इकोसिस्टम और मजबूत होगा।
No Comment! Be the first one.