सीवान के उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड़ के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में ईओयू ने पांच ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में 2.36 करोड़ रुपये की संदिग्ध संपत्ति का मामला सामने आया।
सीवान उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड़ के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। ईओयू की टीम ने सीवान, पटना और मुंगेर स्थित उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में अधिकारी के पास ज्ञात आय से लगभग 201.97 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने की बात सामने आई है।

पांच ठिकानों पर एक साथ ईओयू की छापेमारी
सीवान उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड़ के खिलाफ दर्ज मामले में आर्थिक अपराध इकाई की अलग-अलग टीमों ने पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
छापेमारी दानापुर (पटना) स्थित आवास, मुंगेर के चंदनबाग स्थित पैतृक घर, लल्लूपोखर स्थित व्यावसायिक भवन, सीवान स्थित उत्पाद विभाग के कार्यालय कक्ष तथा नगर थाना क्षेत्र के कचहरी रोड स्थित किराये के आवास पर की गई।
जांच में सामने आई करोड़ों की संदिग्ध संपत्ति
बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक अपराध प्रभाग के अनुसार, विश्वसनीय सूचना के सत्यापन के दौरान अंकेश कुमार गोंड़ के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले।
प्रथम दृष्टया जांच में उनके पास 2 करोड़ 36 लाख 31 हजार रुपये की ऐसी संपत्ति पाई गई, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 201.97 प्रतिशत अधिक बताई गई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुई प्राथमिकी
प्रारंभिक जांच के आधार पर आर्थिक अपराध इकाई थाना में कांड संख्या-13/26 दिनांक 8 जुलाई 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
इसके बाद विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से तलाशी वारंट प्राप्त कर गुरुवार को छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई।
दस्तावेजों और संपत्तियों की हो रही जांच
ईओयू के अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्तियों से जुड़े कागजात और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई पूरी होने के बाद जब्त दस्तावेजों, बरामद संपत्तियों और जांच से जुड़े अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
Background
बिहार में आर्थिक अपराध इकाई भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच करती है। किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ विश्वसनीय साक्ष्य मिलने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत प्राथमिकी दर्ज कर तलाशी और जांच की कार्रवाई की जाती है।
Impact
यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Official Statement
बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक अपराध प्रभाग के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अंकेश कुमार गोंड़ के पास ज्ञात आय से 201.97 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिले हैं। इसी आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद छापेमारी की गई। फिलहाल जांच जारी है।
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Public Information
यह मामला अभी जांच के अधीन है। ईओयू ने बताया है कि तलाशी पूरी होने और दस्तावेजों की जांच के बाद बरामदगी एवं अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। जांच पूरी होने तक मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
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