Iran Israel Conflict एक बार फिर गहरा गया है। युद्धविराम के बाद ईरान ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जबकि यमन से भी मिसाइल दागी गई। जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है।
News Saga Desk
यमन और ईरान की ओर से इजरायल पर मिसाइल हमले
पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। Iran Israel Conflict के बीच अप्रैल में लागू हुए युद्धविराम के बाद पहली बार ईरान ने सीधे इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए हैं। इजरायली रक्षा बल (IDF) के अनुसार, देर रात ईरान और यमन की दिशा से कई मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया।
इजरायली सेना ने बताया कि यमन से दागी गई मिसाइल का समय रहते पता लगा लिया गया था। इसके बाद एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर मिसाइल को रोकने की कार्रवाई की गई। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बेरूत हमले के बाद शुरू हुआ नया तनाव
ताजा घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके बाद ईरान ने पलटवार करते हुए इजरायल की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा सीधा सैन्य टकराव है। ईरान के हमले के बाद इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कम से कम तीन अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया।
तेहरान और इस्फहान में धमाकों की गूंज
इजरायली जवाबी हमलों के बाद ईरान के तेहरान और इस्फहान क्षेत्रों से जोरदार धमाकों की खबरें सामने आई हैं। वहीं इजरायल का दावा है कि हाइफा और नाजरेथ समेत कई क्षेत्रों को मिसाइलों से निशाना बनाया गया।
IDF के मुताबिक खतरे को देखते हुए देश के कई हिस्सों में सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए। रक्षा तंत्र ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही रोकने का प्रयास किया, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान टल गया।
इजरायल में फिर गूंजे सायरन
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य इजरायल के कई शहरों में सायरन बजाए गए। गुश दान, यरूशलम और आसपास के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की गई।
संभावित खतरे को देखते हुए इजरायल ने कुछ समय के लिए अपना हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया। सुरक्षा एजेंसियां और सेना पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं तथा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
तनाव कम कराने की कोशिशें विफल
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से बातचीत कर जवाबी कार्रवाई से बचने की अपील की थी।
ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्ष पहले ही हमले कर चुके हैं और अब हालात को और बिगड़ने से रोकना जरूरी है। हालांकि घटनाक्रम से साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव फिलहाल कम होता नहीं दिख रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ी चिंता
लगातार हो रहे मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि क्या दोनों देश तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाएंगे या यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।
No Comment! Be the first one.