Jamshedpur Suicide Case में मानगो और बिरसानगर के दो युवकों ने कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों परिवारों के इकलौते बेटे थे, पुलिस जांच कर रही है।
News Saga Desk
Jamshedpur Suicide Case ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर में दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई कथित आत्महत्या की घटनाओं ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मानगो और बिरसानगर इलाके में 23 वर्षीय और 19 वर्षीय दो युवकों ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। दोनों ही अपने-अपने परिवार के इकलौते बेटे थे, जिससे परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल दोनों मामलों में आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।
मानगो में 23 वर्षीय युवक ने की आत्महत्या
Jamshedpur Suicide Case की पहली घटना मानगो थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर की है। यहां 23 वर्षीय पीयूष कुमार का शव शुक्रवार शाम उसके घर में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही मानगो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।
परिजनों के अनुसार पीयूष गुजरात की एक निजी कंपनी में कार्यरत था। करीब एक महीने पहले वह अपने माता-पिता और बहन के साथ जमशेदपुर आया था। यहां आने के बाद वह नई नौकरी की तलाश में जुटा हुआ था, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही थी।
परिवार का कहना है कि लगातार नौकरी नहीं मिलने की वजह से पीयूष मानसिक तनाव में रहने लगा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी तनाव के कारण उसने यह कदम उठाया। हालांकि पुलिस इस मामले में हर पहलू से जांच कर रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
बिरसानगर में 19 वर्षीय छात्र की मौत
Jamshedpur Suicide Case की दूसरी घटना बिरसानगर थाना क्षेत्र के विजय गार्डेन गेट नंबर-2 की है। यहां 19 वर्षीय रोहित गोप का शव शनिवार सुबह घर में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद बिरसानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि रोहित गोलमुरी स्थित एनटीटीएफ में तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही उसकी नौकरी लग जाएगी और उसका भविष्य उज्ज्वल होगा।
हालांकि रोहित ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, इसका जवाब परिवार के पास भी नहीं है। परिजनों का कहना है कि उसने कभी किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। पुलिस अब उसके दोस्तों, परिवार के सदस्यों और अन्य परिचितों से पूछताछ कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।
दोनों परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इन दोनों घटनाओं की सबसे दर्दनाक बात यह है कि पीयूष और रोहित दोनों ही अपने-अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनकी मौत के बाद परिवारों में मातम का माहौल है। आसपास के लोग भी इन घटनाओं से स्तब्ध हैं और परिवारों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों में अभी जांच जारी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यदि कोई सुसाइड नोट या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी सामने आती है तो उसे भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
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बढ़ती मानसिक तनाव की घटनाएं चिंता का विषय
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में बढ़ता मानसिक तनाव, नौकरी का दबाव और भविष्य को लेकर चिंता गंभीर सामाजिक मुद्दे बनते जा रहे हैं। ऐसे मामलों में परिवार और दोस्तों का भावनात्मक सहयोग काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या भावनात्मक संकट से गुजर रहा हो, तो समय रहते परिवार, मित्रों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सहायता लेना बेहद जरूरी है।
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