जमशेदपुर ट्रैफिक रिश्वत मामला में वीडियो वायरल होने के बाद 3 ट्रैफिक पुलिसकर्मी निलंबित। एसएसपी ने विभागीय जांच के आदेश दिए, डीएसपी ने कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई।
जमशेदपुर ट्रैफिक रिश्वत मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में वाहन जांच अभियान के दौरान कथित रूप से रिश्वत लेने का आरोप सामने आया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. एहतेशाम वकारिब ने प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर तत्काल निलंबन और विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं।

मामले में यातायात शाखा के सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) ललन सिंह तथा आरक्षी प्रकाश कुमार और पंकज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान के समीप गुरुवार सुबह ट्रैफिक पुलिस का वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। लंबे समय बाद शुरू हुए इस अभियान के दौरान बिना हेलमेट बाइक चला रहे एक युवक को रोका गया।
आरोप है कि जांच के दौरान कार्रवाई का डर दिखाकर युवक से अवैध रूप से रुपये की मांग की गई। यह भी आरोप लगाया गया कि पुलिसकर्मियों ने कैमरे की नजर से बचते हुए नकद राशि ली। पूरी घटना वहां मौजूद एक व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद जमशेदपुर ट्रैफिक रिश्वत मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आया।
एसएसपी ने मांगी रिपोर्ट, तीनों पुलिसकर्मी निलंबित
वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक डीएसपी नीरज पाठक से विस्तृत रिपोर्ट तलब की। प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों के आधार पर तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि विभागीय जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
विभागीय जांच जारी
ट्रैफिक डीएसपी नीरज पाठक ने बताया कि पूरे मामले की विभागीय जांच चल रही है। जांच के दौरान वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कैसे सामने आया मामला?
बिष्टुपुर क्षेत्र में नियमित वाहन जांच अभियान के दौरान यह घटना सामने आई। आरोप है कि बिना हेलमेट वाहन चला रहे युवक से कथित तौर पर रिश्वत ली गई। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। जमशेदपुर ट्रैफिक रिश्वत मामला अब विभागीय जांच के दायरे में है।
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पुलिस की छवि और जवाबदेही पर असर
इस घटना ने ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है। आम जनता के बीच कानून लागू करने वाली एजेंसियों से पारदर्शिता और निष्पक्षता की अपेक्षा रहती है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन जांच अभियानों के दौरान बॉडी कैमरा, सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल चालान प्रणाली का अधिक प्रभावी उपयोग पारदर्शिता बढ़ाने में मदद कर सकता है।
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