Khunti Banai River Diversion: फिर जर्जर डायवर्सन, श्रावणी मेले से पहले बढ़ी चिंता

Khunti Banai River Diversion पर फिर कटाव के निशान दिखे। श्रावणी मेले से पहले खूंटी–सिमडेगा मार्ग बाधित होने की आशंका, ग्रामीणों ने स्थायी पुल निर्माण में तेजी की मांग की।

News Saga Desk

खूंटी–सिमडेगा मुख्य मार्ग पर Khunti Banai River Diversion एक बार फिर बारिश के कारण क्षतिग्रस्त होने लगा है। हल्की बारिश के बाद ही बनई नदी पर बनाए गए डायवर्सन के कई हिस्सों में कटाव और दरारें दिखाई देने लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में लगातार तेज बारिश होती है तो डायवर्सन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकता है। ऐसी स्थिति में खूंटी–सिमडेगा मार्ग पर यातायात बाधित होने का खतरा पैदा हो जाएगा। 30 जुलाई से शुरू होने वाले बाबा आम्रेश्वर धाम के प्रसिद्ध श्रावणी मेले को देखते हुए लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

यह मार्ग खूंटी, सिमडेगा और रांची को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में Khunti Banai River Diversion की खराब स्थिति स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापारियों, यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।

पिछले वर्ष पुल ध्वस्त होने से ठप हो गया था यातायात

19 जून 2025 को भारी बारिश के दौरान बनई नदी पर बना पुराना पुल अचानक ध्वस्त हो गया था। पुल टूटने के बाद खूंटी–सिमडेगा मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था।

इस कारण लोगों को कई महीनों तक लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ा। इससे छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। आवश्यक सेवाओं और मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई थी।

1.80 करोड़ की लागत से बना था डायवर्सन

पुल टूटने के करीब छह महीने बाद प्रशासन ने लगभग 1.80 करोड़ रुपये की लागत से नदी पर डायवर्सन का निर्माण कराया था। इसके बाद इस मार्ग पर फिर से यातायात शुरू हो सका।

लेकिन Khunti Banai River Diversion निर्माण के कुछ ही महीनों बाद कमजोर पड़ने लगा। शुरुआती बारिश में ही कई स्थानों पर कटाव दिखाई देने लगा और सड़क की सतह भी क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर बढ़ा तो डायवर्सन बहने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

भ्रष्टाचार के आरोप, लोगों ने उठाए सवाल

जेएलएम के जिलाध्यक्ष कुमार ब्रजकिशोर ने आरोप लगाया कि 1.80 करोड़ रुपये की लागत से बना डायवर्सन गुणवत्ता के मानकों पर खरा नहीं उतर पाया और निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार हुआ है।

Khunti Banai River Diversion

वहीं स्थानीय निवासी विश्वनाथ उरांव ने कहा कि यह मार्ग खूंटी, सिमडेगा और रांची को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यदि डायवर्सन बंद हो गया तो न केवल आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी, बल्कि मालवाहक वाहनों के परिचालन पर भी असर पड़ेगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

श्रावणी मेले को लेकर बढ़ी चिंता

Khunti Banai River Diversion की स्थिति को लेकर सबसे अधिक चिंता बाबा आम्रेश्वर धाम के श्रावणी मेले को लेकर जताई जा रही है।

30 जुलाई से शुरू होने वाले इस मेले में झारखंड सहित पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में कांवरिया और श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। यदि इसी दौरान डायवर्सन क्षतिग्रस्त हो गया तो श्रद्धालुओं को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ेगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वैकल्पिक सड़कें भी जर्जर हैं, जिससे यात्रा और अधिक कठिन हो सकती है। इसका असर मेले की व्यवस्थाओं और स्थानीय व्यापार दोनों पर पड़ सकता है।

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प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से डायवर्सन की तत्काल तकनीकी जांच कराने और आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है।

साथ ही बारिश के दौरान लगातार निगरानी रखने तथा स्थायी पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने की भी अपील की गई है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून में ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, इसलिए अस्थायी समाधान के बजाय स्थायी पुल का निर्माण जल्द पूरा होना चाहिए।

पथ निर्माण विभाग के अभियंता अमित कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले ही डायवर्सन की मरम्मत कराई गई है।

उन्होंने जानकारी दी कि नए पुल के निर्माण के लिए लगभग सात करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार किया जा चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य के लिए निविदा जारी की जाएगी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थायी पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा।

बनई नदी पर बना पुराना पुल जून 2025 में भारी बारिश के दौरान ध्वस्त हो गया था। इसके बाद अस्थायी डायवर्सन बनाकर यातायात बहाल किया गया, लेकिन हर बारिश में इसके क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

यदि डायवर्सन क्षतिग्रस्त होता है तो खूंटी–सिमडेगा मार्ग पर यातायात बाधित होगा। इसका सीधा असर श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं, स्थानीय व्यापार, माल परिवहन और दैनिक आवागमन पर पड़ेगा।

पथ निर्माण विभाग के अभियंता अमित कुमार ने बताया कि डायवर्सन की मरम्मत हाल ही में कराई गई है। नए पुल के लिए लगभग सात करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार है और जल्द ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किया जाएगा।

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