मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना पोर्टल में तकनीकी खामियां, हजारों महिलाओं को परेशानी

NEWS SAGA DESK

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के पोर्टल में तकनीकी खामियों से पश्चिमी सिंहभूम की हजारों महिलाओं को परेशानी। कांग्रेस ने त्रुटियां सुधारने की मांग उठाई।

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के ऑनलाइन पोर्टल में सामने आ रही तकनीकी खामियों के कारण झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की हजारों महिला लाभुकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चल रहे भौतिक सत्यापन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लाभुकों की जानकारी पोर्टल पर गलत दर्ज होने की शिकायतें सामने आई हैं। इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कांग्रेस के जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव को उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन भेजकर तत्काल समाधान की मांग की है।

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना

पोर्टल में गलत जानकारी से बढ़ी परेशानी

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के सत्यापन अभियान के दौरान कई महिलाओं के रिकॉर्ड में गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं। शिकायत के अनुसार लाभुकों के नाम, पिता या पति का नाम, आधार संख्या, राशन कार्ड संख्या, जन्मतिथि, बैंक खाता संख्या, बैंक का नाम और आईएफएससी कोड जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां पोर्टल पर गलत दर्ज दिखाई दे रही हैं।

कुछ मामलों में लाभुकों के नाम की जगह विशेष चिन्ह (स्पेशल कैरेक्टर) दिखाई दे रहे हैं, जिससे पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसके अलावा कई पात्र महिलाओं का नाम अस्थायी रूप से पोर्टल से गायब होने की शिकायत भी सामने आई है।

भौतिक सत्यापन के दौरान सामने आईं दिक्कतें

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चल रहे भौतिक सत्यापन अभियान में बड़ी संख्या में महिलाएं आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रखंड कार्यालय पहुंच रही हैं। लाभुकों का कहना है कि वे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज जमा कर रिकॉर्ड में सुधार का अनुरोध कर रही हैं।

हालांकि, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के पोर्टल में संशोधन की तकनीकी सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी भी रिकॉर्ड में आवश्यक बदलाव नहीं कर पा रहे हैं। इससे पात्र महिलाओं के सामने योजना का लाभ मिलने को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

योजना का लाभ सही लाभुकों तक पहुंचे, इसके लिए समय-समय पर भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों का मिलान किया जाता है। इसी प्रक्रिया के दौरान पश्चिमी सिंहभूम जिले में पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं।

ज्ञापन के जरिए सरकार से उठाई गई मांग

कांग्रेस के जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें की हैं। उन्होंने आग्रह किया कि पोर्टल में सभी आवश्यक जानकारियों के संशोधन की तकनीकी सुविधा जल्द उपलब्ध कराई जाए।

साथ ही जिला और प्रखंड स्तर के अधिकृत अधिकारियों को दस्तावेजों और भौतिक सत्यापन के आधार पर रिकॉर्ड में सुधार करने का अधिकार दिया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि तकनीकी या डाटा एंट्री की गलती के कारण यदि कोई पात्र महिला योजना से बाहर हो गई है, तो उसे दोबारा जोड़ने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

हजारों लाभुकों पर पड़ सकता है असर

यदि तकनीकी समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो पश्चिमी सिंहभूम की हजारों पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिलने में देरी हो सकती है। इससे न केवल लाभुकों की परेशानियां बढ़ेंगी, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पोर्टलों की तकनीकी खामियों का समय पर समाधान होना आवश्यक है, ताकि लाभुकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

त्रिशानु राय ने कहा कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना राज्य की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। केवल तकनीकी त्रुटियों या डाटा एंट्री की गलतियों के कारण किसी भी पात्र महिला को योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पोर्टल में सुधार की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर लाभुकों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

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लाभुक क्या करें?

जिन महिलाओं के रिकॉर्ड में त्रुटियां दिखाई दे रही हैं, उन्हें अपने आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए तथा संबंधित प्रखंड कार्यालय से संपर्क बनाए रखना चाहिए।

यदि प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से संशोधन प्रक्रिया या नए दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, तो लाभुकों को उसी के अनुसार आवेदन करना चाहिए। साथ ही किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा करने के बजाय केवल आधिकारिक जानकारी का ही पालन करना उचित होगा।

फिलहाल मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के पोर्टल में तकनीकी खामियों को लेकर संबंधित विभाग के स्तर पर समाधान की मांग तेज हो गई है। अब लाभुकों की निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई और पोर्टल में सुधार की प्रक्रिया पर टिकी हैं।

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