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रांची : झारखंड में अवैध अफीम की खेती और मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ पिछले तीन वर्षों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। सीआईडी के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 से मई 2026 तक राज्य में करीब 37 हजार एकड़ में लगी अफीम की फसल नष्ट की गई है। इसके साथ ही ब्राउन शुगर, तैयार अफीम, डोडा और पोस्ता की बरामदगी कर तस्करों को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है।
100 करोड़ रुपये से अधिक की अफीम फसल नष्ट
सीआईडी के अनुसार चतरा, खूंटी, रांची, लातेहार, पलामू और हजारीबाग जैसे प्रमुख अफीम उत्पादक जिलों में व्यापक अभियान चलाकर अफीम की खेती को नष्ट किया गया। राज्य के 14 जिलों में चलाए गए अभियानों के दौरान रिकॉर्ड स्तर पर अफीम की फसल नष्ट की गई। इस अवधि में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत लगभग 500 मामले दर्ज किए गए और 315 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
अफीम विनष्टीकरण में खूंटी पहले, चतरा दूसरे स्थान पर
अफीम की खेती के खिलाफ कार्रवाई में खूंटी जिला सबसे आगे रहा। पिछले तीन वर्षों में खूंटी में करीब 17 हजार एकड़ में लगी अफीम की फसल नष्ट की गई। जिले में 100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गईं और बड़ी संख्या में तस्करों की गिरफ्तारी हुई।
वहीं चतरा जिला दूसरे स्थान पर रहा, जहां वर्ष 2023 से अप्रैल 2026 तक लगभग 7 हजार एकड़ में लगी अफीम की फसल नष्ट की गई। इस दौरान 35 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
बरामदगी से तस्करों को हुआ करोड़ों का नुकसान
सीआईडी के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 से 2026 के बीच 84 किलोग्राम तैयार अफीम बरामद की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 84 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 42 हजार किलोग्राम डोडा और पोस्ता जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 22 करोड़ रुपये आंकी गई है।
केवल बरामद मादक पदार्थों की कीमत ही 100 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं 37 हजार एकड़ अफीम की फसल नष्ट किए जाने से तस्करों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। अनुमान है कि पिछले चार वर्षों में अफीम तस्करों को 200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचा है।
2023 से पहले कम थी विनष्टीकरण की कार्रवाई
सीआईडी के मुताबिक वर्ष 2021 और 2022 के दौरान राज्य में मादक पदार्थों से जुड़े 2,294 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 525 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इस दौरान 96,475 किलोग्राम डोडा, 1,864 किलोग्राम पोस्ता, 12,471 किलोग्राम तैयार अफीम और 19 किलोग्राम अफीम पाउडर बरामद किया गया था। साथ ही 2,885 एकड़ में लगी अफीम की फसल नष्ट की गई थी।
अफीम की खेती रोकने के लिए लागू हुआ एक्शन प्लान
अवैध अफीम खेती पर स्थायी रोक लगाने के लिए सीआईडी ने विशेष एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रभावित जिलों में “प्री-कल्टीवेशन अभियान” शुरू किया गया है। अभियान के दौरान उन क्षेत्रों का सत्यापन किया जाएगा जहां पहले अफीम की खेती होती थी या जहां पूर्व में फसल नष्ट की गई थी।
इस अभियान में रांची, खूंटी, हजारीबाग, चतरा, पलामू, लातेहार, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों को शामिल किया गया है।
फरार आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सीआईडी ने संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पिछले वर्षों में दर्ज मामलों की समीक्षा करने, वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा फरार तस्करों के खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लोगों को यह बताया जाएगा कि अवैध रूप से अफीम की खेती करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी हाल में ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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