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कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में मिलेट मिशन, मक्का की खेती, मिट्टी जांच, कृषक पाठशाला और किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर दिया गया जोर।

झारखंड सरकार राज्य में मोटे अनाज (मिलेट) को बढ़ावा देने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने घोषणा की है कि रांची, जमशेदपुर और देवघर में जल्द ही आधुनिक मिलेट कैफे स्थापित किए जाएंगे। इन कैफे का उद्देश्य मिलेट उत्पादों को लोकप्रिय बनाना, किसानों की आय बढ़ाना और लोगों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना है।
मंगलवार को नेपाल हाउस सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में आयोजित कृषि विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दीक पी., विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी, कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मिलेट मिशन को मिलेगा नया विस्तार
बैठक के दौरान मंत्री ने मिलेट मिशन के तहत चल रहे विशेष पंजीकरण अभियान की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अब तक 22,729 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंजीकरण अभियान को और व्यापक बनाया जाए ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना से जुड़ सकें। मंत्री ने कहा कि आधुनिक मिलेट कैफे किसानों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ लोगों को पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगे।
मक्का की खेती में अच्छी प्रगति
मंत्री ने बताया कि इस वर्ष झारखंड में मक्का की खेती उत्साहजनक रही है। अब तक राज्य में 65 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में मक्का की बुआई हो चुकी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन जिलों में मक्का बीज की अधिक मांग है, वहां पर्याप्त मात्रा में अतिरिक्त बीज उपलब्ध कराया जाए ताकि किसी भी किसान को बीज की कमी का सामना न करना पड़े।
बैठक में मंत्री ने प्रत्येक पंचायत स्तर पर मिट्टी जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्र कर उनकी जांच सुनिश्चित की जाए ताकि वैज्ञानिक सलाह के आधार पर खेती को बढ़ावा दिया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से जिलों का दौरा करने और क्षेत्रीय स्तर पर योजनाओं की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचे।
कृषक पाठशाला को मिलेगा विशेषज्ञों का सहयोग
मंत्री ने कहा कि कृषक पाठशाला राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना है, जिसके माध्यम से किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने निर्देश दिया कि इस योजना को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संस्थानों से जोड़ा जाए, ताकि किसानों को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी मिल सके।
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समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभागीय योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरे किए जाएं।
उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने और जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी रखने को भी कहा।
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