Jharkhand Monsoon Update: झारखंड में मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार, रांची समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Jharkhand Monsoon Update: रांची समेत कई जिलों में 1 जुलाई तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट। मौसम विभाग ने येलो-ऑरेंज चेतावनी जारी की।

News Saga Desk

झारखंड के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। जून का महीना समाप्ति की ओर है और लंबे इंतजार के बाद अब मॉनसून ने राज्य में अपनी रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए रांची समेत कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। राज्य के कई हिस्सों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 28 जून से 3 जुलाई तक झारखंड के अधिकांश जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने के कारण मॉनसून को मजबूती मिली है। इसके प्रभाव से राज्यभर में बादल छाए रहेंगे और कई क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

अगले 72 घंटे रहेंगे अहम

मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले तीन दिनों के दौरान कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

विशेष रूप से 30 जून और 1 जुलाई को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन दो दिनों में मॉनसून का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा।

Jharkhand Monsoon Update

30 जून को इन जिलों में भारी बारिश

30 जून को बोकारो, गिरिडीह, देवघर, धनबाद, जामताड़ा, पाकुड़, दुमका, साहिबगंज और गोड्डा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने विशेष निगरानी रखने और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और बिजली आपूर्ति में बाधा जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

1 जुलाई को रांची समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

1 जुलाई को राजधानी रांची सहित खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिलों में 60 से 100 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है।

राज्य में मौसम की अलग-अलग तस्वीर

हालांकि झारखंड में मौसम की स्थिति अभी पूरी तरह एक जैसी नहीं है। जहां एक ओर राज्य के कुछ हिस्सों में मॉनसून सक्रिय हो रहा है, वहीं दूसरी ओर पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे जिलों में अभी भी गर्मी और लू का असर बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों के दौरान रामगढ़ में सबसे अधिक 10 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा रांची, हजारीबाग, बोकारो और देवघर में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

मेदिनीनगर सबसे गर्म

बारिश की गतिविधियों के बावजूद राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान अभी भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। मेदिनीनगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं राजधानी रांची में 34.2 डिग्री सेल्सियस, जमशेदपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस और बोकारो में 37.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

62 प्रतिशत कम हुई बारिश

झारखंड में इस वर्ष मॉनसून की धीमी शुरुआत का असर वर्षा के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। 1 जून से 27 जून के बीच राज्य में सामान्य रूप से 160.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 61.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

इस तरह राज्य में अब तक सामान्य से करीब 62 प्रतिशत कम बारिश हुई है। राजधानी रांची में भी स्थिति सामान्य नहीं है। यहां 168.6 मिलीमीटर सामान्य वर्षा के मुकाबले केवल 125.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो लगभग 25 प्रतिशत कम है।

अल नीनो का पड़ा असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार अल नीनो के प्रभाव के कारण मॉनसून की प्रगति धीमी रही। हालांकि अब बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने से मॉनसून को गति मिली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के पहले सप्ताह से राज्य में व्यापक और अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

Read More News

Read More