Pune Lohagad Fort Murder Case में पुलिस ने सिया गोयल के साथ क्राइम सीन रीक्रिएट किया। केतन अग्रवाल की मौत की जांच में डमी के जरिए घटना को दोहराया गया।
News Saga Desk
महाराष्ट्र के पुणे में चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में पुलिस ने रविवार को लोहागढ़ किले पर घटनास्थल का दोबारा निर्माण (क्राइम सीन री-कंस्ट्रक्शन) किया। इस दौरान मुख्य आरोपी सिया गोयल को भी मौके पर ले जाया गया, जहां पुलिस ने उसके बयान और घटनाक्रम के आधार पर पूरी वारदात को समझने की कोशिश की।
पुणे ग्रामीण पुलिस की टीम सुबह लोहागढ़ किले पहुंची और आरोपी सिया गोयल की मौजूदगी में घटना के विभिन्न पहलुओं को दोहराया। अधिकारियों ने उस रास्ते की जांच की, जिससे आरोपी और मृतक घटनास्थल तक पहुंचे थे। साथ ही यह भी समझने का प्रयास किया गया कि कथित तौर पर घटना कैसे हुई और उस समय आरोपियों की स्थिति क्या थी।
क्राइम सीन रीक्रिएशन में क्या हुआ?
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के अनुसार, पुलिस ने घटनाओं की पूरी श्रृंखला को दोबारा तैयार किया। इसमें आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किया गया रास्ता, घटनास्थल पर उनकी स्थिति और कथित तौर पर की गई गतिविधियों को शामिल किया गया।
पुलिस का कहना है कि री-कंस्ट्रक्शन के दौरान सिया गोयल ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उसने बताया कि वह किस रास्ते से किले तक पहुंची थी, घटना के समय वह कहां मौजूद थी और कथित तौर पर पूरी घटना कैसे घटी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से आरोपियों के बयानों की सत्यता की जांच करने और घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने लाने में मदद मिलेगी।

हत्या की वजह और आरोपियों की भूमिका की जांच
पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि केतन अग्रवाल की मौत किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका क्या थी।
जांच अधिकारी हत्या की कथित साजिश, घटना से पहले और बाद की गतिविधियों, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों के आपसी संबंधों की भी पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अब तक जुटाए गए सभी सबूतों का मिलान किया जा रहा है ताकि मामले की हर कड़ी को मजबूत किया जा सके।
फरवरी में हुई थी सगाई, नवंबर में होनी थी शादी
25 वर्षीय केतन अग्रवाल महाराष्ट्र की प्रतिष्ठित वेयरहाउस डेवलपमेंट कंपनी सक्सेस ग्रुप में निदेशक थे। वह एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से संबंध रखते थे। वहीं सिया गोयल भी पुणे के एक व्यवसायिक परिवार से आती हैं।
दोनों की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी और नवंबर में उनकी शादी होने वाली थी। शादी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं और राजस्थान के उदयपुर में होटल तक बुक किया जा चुका था।
परिवार और रिश्तेदार इस शादी को लेकर उत्साहित थे, लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों ने सभी को हैरान कर दिया।
शादी नहीं करना चाहती थी सिया
पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच कथित प्रेम संबंध थे। बताया जा रहा है कि इस रिश्ते की जानकारी केतन और उसके परिवार को नहीं थी।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सिया ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। हालांकि परिवार की प्रतिष्ठा और सामाजिक बदनामी के डर से वह शादी तोड़ने का फैसला नहीं ले पा रही थी।
जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी कारण सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
18 जून को हुई थी मौत
18 जून को लोहागढ़ किले से गिरने के बाद केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कई संदिग्ध तथ्य सामने आए।
इसके बाद पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
डमी के जरिए समझी गई पूरी घटना
जांच को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने केतन अग्रवाल के वजन के बराबर एक डमी तैयार करवाई। इस डमी की मदद से यह समझने की कोशिश की गई कि आरोपी के बयान के अनुसार किसी व्यक्ति को किले से नीचे धकेलने पर क्या परिस्थितियां बन सकती हैं।
पुणे के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस गजानन टोंपे ने बताया कि डमी परीक्षण का उद्देश्य आरोपियों के दावों की पुष्टि करना और घटना की वास्तविक परिस्थितियों को समझना था।
फिलहाल पुलिस सभी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि क्राइम सीन री-कंस्ट्रक्शन और तकनीकी सबूतों के आधार पर जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
No Comment! Be the first one.