Muharram Video Viral मामले में कांटी थाना के दारोगा मुस्तकीम खान को लाइन क्लोज कर दिया गया। वर्दी में तलवार भांजने का वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई हुई।
News Saga Desk
मुहर्रम के दौरान तलवार भांजते हुए वीडियो वायरल होने के बाद कांटी थाना में तैनात दारोगा मुस्तकीम खान पर बड़ी कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्र ने उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन क्लोज कर दिया है। साथ ही उनसे इस मामले में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुहर्रम के ताजिया जुलूस के दौरान दारोगा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में वह पुलिस वर्दी में नजर आ रहे थे और दोनों हाथों में तलवार लेकर करतब दिखाते दिखाई दे रहे थे। इतना ही नहीं, वीडियो में उनके पास सरकारी पिस्तौल भी दिखाई दे रही थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मुहर्रम के अवसर पर निकाले गए ताजिया जुलूस के दौरान किसी व्यक्ति ने दारोगा मुस्तकीम खान का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया।
वीडियो के वायरल होने के बाद यह पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए वीडियो की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई।
जांच में वीडियो की पुष्टि
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति कांटी थाना में तैनात दारोगा मुस्तकीम खान ही हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि मुहर्रम जुलूस के दौरान वह भीड़ के बीच दोनों हाथों में तलवार लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। चूंकि वह उस समय पुलिस की वर्दी में थे और उनके पास सरकारी हथियार भी मौजूद था, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया गया।

पुलिस आचार संहिता का उल्लंघन
ग्रामीण एसपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए निर्धारित आचार संहिता (Code of Conduct) का पालन करना अनिवार्य है। वर्दी में रहते हुए इस प्रकार सार्वजनिक कार्यक्रम में तलवार लहराना और प्रदर्शन करना पुलिस नियमों के खिलाफ माना गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, दारोगा का यह आचरण पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करने वाला है। इसी वजह से उन्हें लाइन क्लोज करने का निर्णय लिया गया।
मांगा गया स्पष्टीकरण
एसएसपी कार्यालय की ओर से दारोगा मुस्तकीम खान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनसे पूछा गया है कि उन्होंने वर्दी में रहते हुए इस प्रकार का कार्य क्यों किया और उनके आचरण को पुलिस नियमों के अनुरूप कैसे माना जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि दारोगा का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसमें अनुशासनात्मक कार्रवाई से लेकर अन्य प्रशासनिक कदम भी शामिल हो सकते हैं।
विभागीय कार्रवाई की संभावना
फिलहाल पुलिस विभाग मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन के मामलों में किसी भी पुलिसकर्मी को छूट नहीं दी जा सकती। जांच रिपोर्ट और स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग पुलिसकर्मी के इस व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे धार्मिक आयोजन में भागीदारी के रूप में देख रहे हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मामला पूरी तरह सेवा नियमों और आचार संहिता के पालन से जुड़ा है।
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