News Saga Desk
देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना कार्यक्रम की शुरुआत होने जा रही है। झारखंड में इस प्रक्रिया की शुरुआत 1 मई 2026 से होगी। इस नई व्यवस्था के तहत नागरिक स्वयं ऑनलाइन अपने परिवार और घर से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
पहले चरण में 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) की जाएगी। इस दौरान लोग आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपना डेटा स्वयं भर सकेंगे। इसके बाद दूसरे चरण में 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर इस डेटा का सत्यापन करेंगे।
इसी क्रम में रांची नगर निगम द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें जनगणना अधिकारी, डिप्टी मेयर, मेयर और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया, उसकी आवश्यकता और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
2011 के बाद जनगणना नहीं, विकास में आ रही दिक्कतें- मेयर
रांची की मेयर रोशनी खालको ने कहा कि वर्ष 2011 के बाद जनगणना नहीं हुई है, जिससे विकास कार्यों में कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि रांची नगर निगम का क्षेत्रफल तो पहले जैसा ही है, लेकिन आबादी में काफी वृद्धि हुई है, जिसके कारण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने में कठिनाई हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि सटीक आंकड़ों के आधार पर ही योजनाओं का सही निर्धारण संभव है और यह तय किया जा सकेगा कि किस क्षेत्र में किस प्रकार के विकास कार्यों की जरूरत है।
वार्ड स्तर पर चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
नगर निगम इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएगा। आंगनबाड़ी सेविकाओं, नगर निगम टीम और स्थानीय वार्ड पार्षदों के सहयोग से वार्ड स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग स्व-गणना में भाग लें और प्रक्रिया सफल हो सके।
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