JMM Attack on BJP: मोदी सरकार के 12 साल पर जेएमएम का हमला, भाजपा को बताया ‘भारतीय गबन पार्टी’

JMM ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर भाजपा पर तीखा हमला बोला। सुप्रियो भट्टाचार्य ने रोजगार, किसानों, नोटबंदी और संस्थाओं को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।

News Saga Desk

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। रांची में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने दावा किया कि भाजपा सरकार का 12 वर्षों का कार्यकाल उपलब्धियों का नहीं बल्कि कथित तौर पर “24 गबनों” का कार्यकाल रहा है। इस दौरान पार्टी नेताओं ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए उसे “भारतीय गबन पार्टी” तक कह दिया।

प्रेस वार्ता में जेएमएम नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों, आर्थिक फैसलों और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। पार्टी ने दावा किया कि सरकार को अपनी उपलब्धियां गिनाने के बजाय इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।

खीरा खिलाकर किया राजनीतिक कटाक्ष

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेएमएम ने केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री से जुड़े कथित सब्सिडी विवाद पर भी निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने पत्रकारों को खीरा खिलाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया और इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर तंज कसा।

जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कटाक्ष करते हुए कहा कि संबंधित मंत्री के खेत से मंगाए गए खीरे को पहले खाया जाए, उसके बाद आगे की बात होगी। इस बयान के जरिए उन्होंने कृषि सब्सिडी से जुड़े विवाद को राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास किया।

नोटबंदी से लेकर रोजगार तक उठाए सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान जेएमएम ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कई राष्ट्रीय मुद्दों को सामने रखा। पार्टी ने नोटबंदी, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण, बैंकिंग व्यवस्था और रोजगार के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

जेएमएम नेताओं का आरोप था कि युवाओं से रोजगार के जो वादे किए गए थे, वे पूरे नहीं हो सके। पार्टी का कहना है कि बेरोजगारी आज भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है और लाखों युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं।

किसानों और शिक्षा व्यवस्था पर भी बोला हमला

जेएमएम ने किसानों की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। पार्टी नेताओं का कहना था कि कृषि क्षेत्र को लेकर किए गए कई वादे धरातल पर दिखाई नहीं देते और किसानों को अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई है।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी पार्टी ने केंद्र सरकार की आलोचना की। जेएमएम का आरोप है कि शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक सुधारों और निवेश की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही, जिससे छात्रों और युवाओं को नुकसान उठाना पड़ा है।

लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप

सुप्रियो भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देश की कई लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया गया है। उन्होंने संसद, संवैधानिक संस्थाओं और प्रशासनिक तंत्र के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए।

पार्टी का दावा है कि संस्थागत स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर देश में चिंताएं बढ़ी हैं। हालांकि इन आरोपों पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राम मंदिर ट्रस्ट और एजेंसियों पर भी सवाल

जेएमएम महासचिव ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित भूमि लेन-देन के मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में जांच एजेंसियों द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

पार्टी ने कहा कि यदि किसी भी मामले में अनियमितताओं के आरोप लगते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जेएमएम नेताओं ने इस विषय पर भी केंद्र सरकार से जवाब मांगा।

विदेश नीति और मणिपुर मुद्दे पर आलोचना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेएमएम ने विदेश नीति, मणिपुर की स्थिति और परिसीमन जैसे विषयों को भी उठाया। पार्टी नेताओं का कहना था कि इन मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

जेएमएम ने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार अपेक्षित संवेदनशीलता और जवाबदेही नहीं दिखा पाई है। पार्टी ने कहा कि जनता को सरकार के कार्यकाल का निष्पक्ष मूल्यांकन करना चाहिए।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जहां भाजपा अपनी उपलब्धियों को जनता के सामने रख रही है, वहीं विपक्षी दल लगातार सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में जेएमएम ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।

आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है, क्योंकि केंद्र सरकार के कार्यकाल को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।

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