कारगिल विजय दिवस पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कारगिल के शहीदों का बलिदान और शौर्य राष्ट्र को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
News Saga Desk
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने रविवार को देश के वीर सैनिकों और शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और अटूट राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए पाकिस्तान की विश्वासघाती घुसपैठ को विफल किया। उन्होंने कहा कि इन वीर सैनिकों का सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
कारगिल विजय दिवस भारत के सैन्य इतिहास की सबसे गौरवशाली उपलब्धियों में से एक का प्रतीक है। यह दिन उन बहादुर सैनिकों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
राज्यपाल ने वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
राज्यपाल आर. एन. रवि ने अपने संदेश में कहा कि कारगिल विजय दिवस पर उन सभी वीर सैनिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने दुर्गम पहाड़ी इलाकों और बेहद कठिन मौसम में भी असाधारण साहस का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर किया।

उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध भारतीय सैनिकों की वीरता, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का ऐसा उदाहरण है, जिस पर पूरा देश गर्व करता है। राष्ट्र हमेशा उन शहीदों का ऋणी रहेगा, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सीमाओं को सुरक्षित रखा।
शहीदों के परिवारों के प्रति जताई कृतज्ञता
राज्यपाल ने अपने संदेश में केवल शहीद सैनिकों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों और वीरांगनाओं को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को देश की रक्षा के लिए खोया है, उनका त्याग भी राष्ट्र के लिए अमूल्य है।
उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह शहीदों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना बनाए रखे। उनके बलिदान की बदौलत ही भारत सुरक्षित और मजबूत बना हुआ है।
आत्मनिर्भर भारत और मजबूत रक्षा क्षमता पर जोर
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्यपाल आर. एन. रवि ने कहा कि आज भारत ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के साथ स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आधुनिक सैन्य क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता भारतीय सशस्त्र बलों को और अधिक सक्षम बना रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक, स्वदेशी रक्षा उपकरणों और मजबूत सैन्य ढांचे के माध्यम से भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बना रहा है। यह कारगिल के वीर सैनिकों के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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कारगिल के वीरों की गाथा बनी प्रेरणा
राज्यपाल ने कहा कि कारगिल युद्ध केवल एक सैन्य विजय नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, साहस और समर्पण का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों का शौर्य और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को मातृभूमि की सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश देता रहेगा।
उन्होंने अपने संदेश का समापन “जय हिंद” के उद्घोष के साथ किया और देशवासियों से शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखने का आह्वान किया।
वर्ष 1999 में पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों ने कारगिल क्षेत्र की कई रणनीतिक चोटियों पर कब्जा कर लिया था। इसके जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ चलाकर दुर्गम पहाड़ियों पर संघर्ष करते हुए सभी महत्वपूर्ण चौकियों को पुनः अपने नियंत्रण में लिया। 26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त की, जिसकी स्मृति में हर वर्ष कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।
कारगिल विजय दिवस देशवासियों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और भारतीय सेना के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करता है। यह दिन युवाओं को देश सेवा और सैनिकों के बलिदान से प्रेरणा लेने का अवसर भी प्रदान करता है। साथ ही, शहीदों के परिवारों के योगदान को सम्मान देने का संदेश देता है।
राज्यपाल आर. एन. रवि ने अपने आधिकारिक एक्स संदेश में कहा कि कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों का अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और राष्ट्रभक्ति भारत के इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने शहीदों और उनके परिवारों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त की।
कारगिल विजय दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को पूरे देश में मनाया जाता है। इस अवसर पर शहीद स्मारकों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, सैन्य सम्मान समारोह और राष्ट्रभक्ति से जुड़े विभिन्न आयोजन किए जाते हैं, जिनमें देशभर के नागरिक और सैन्य अधिकारी भाग लेते हैं।
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