खड़गपुर में हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। निजी वीडियो के जरिए प्रभावशाली लोगों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूलने का आरोप।
News Saga Desk
खड़गपुर में हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद पश्चिम मेदिनीपुर जिले में सनसनी फैल गई है। खड़गपुर टाउन थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक ऐसे कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो प्रभावशाली लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर उनके निजी वीडियो और तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करता था। पुलिस ने इस मामले में दो कथित मुख्य संचालिकाओं समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
गुप्त सूचना के बाद हुई छापेमारी
खड़गपुर में हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ रविवार देर रात पुलिस की विशेष कार्रवाई के दौरान हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार, खड़गपुर शहर के 29 नंबर वार्ड के झोली क्षेत्र स्थित एक मकान में लंबे समय से कथित रूप से देह व्यापार और हनी ट्रैप का अवैध नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
सूचना मिलने के बाद खड़गपुर टाउन थाना पुलिस ने संबंधित मकान पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान बिनीता कुमारी और आर. मीनाक्षी सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
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प्रभावशाली लोगों को बनाया जाता था निशाना
प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरोह कथित रूप से परिचितों और प्रभावशाली व्यक्तियों को अपने जाल में फंसाकर एक निर्धारित स्थान पर बुलाता था। वहां उनके निजी और आपत्तिजनक क्षणों के वीडियो तथा तस्वीरें गुप्त रूप से रिकॉर्ड किए जाने का आरोप है।
इसके बाद इन्हीं वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की धमकी देकर पीड़ितों से बड़ी रकम वसूली जाती थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अब तक कितने लोग इस गिरोह का शिकार बने और उनसे कितनी धनराशि की उगाही की गई।
खड़गपुर में हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ पुलिस को मिली गुप्त सूचना के बाद संभव हो सका। जांच एजेंसियों को कुछ दिन पहले इस पूरे रैकेट के संचालन की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने लगातार निगरानी रखी और पर्याप्त जानकारी जुटाने के बाद छापेमारी की।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कथित गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। हालांकि, पुलिस अभी यह स्पष्ट नहीं कर रही है कि यह नेटवर्क कितने समय से संचालित हो रहा था और इसका विस्तार किन-किन क्षेत्रों तक था।
इस कार्रवाई को ब्लैकमेलिंग और साइबर अपराध से जुड़े मामलों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में पीड़ित अक्सर सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ता है।

पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान अन्य पीड़ित सामने आते हैं, तो उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने देह व्यापार और हनी ट्रैप से जुड़े एक बड़े कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। अधिकारी के अनुसार, जांच का मुख्य उद्देश्य पूरे नेटवर्क का खुलासा करना और यह पता लगाना है कि इस गिरोह के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस ने यह भी कहा कि सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोबाइल फोन और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा रही है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो मामले में अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस मामले से जुड़ी अपुष्ट जानकारी या सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों पर भरोसा न करें। यदि किसी व्यक्ति के पास इस गिरोह से संबंधित कोई महत्वपूर्ण जानकारी है, तो वह पुलिस को उपलब्ध करा सकता है।
साथ ही पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और सभी आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। किसी भी आरोपी की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्णय अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद ही होगा।
खड़गपुर में हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ पश्चिम मेदिनीपुर में पुलिस की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है। सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क, संभावित पीड़ितों और आर्थिक लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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