कोडरमा को 2030 तक टीबी मुक्त बनाने की तैयारी तेज

NEWS SAGA DESK

कोडरमा को 2030 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मुखियाओं को अभियान से जोड़ा है। 19 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं।

कोडरमा बाजार: कोडरमा टीबी मुक्त अभियान को 2030 के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अब पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ना शुरू कर दिया है। जिले की 19 पंचायतें निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद पहले ही टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं। अब स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि बाकी पंचायतों में भी जांच, उपचार, पोषण सहायता और जागरूकता अभियान को तेज किया जाए। इसके लिए जिले के सभी पंचायतों के मुखियाओं से सक्रिय सहयोग की अपील की जा रही है।

कोडरमा टीबी मुक्त अभियान

मुखियाओं को अभियान से जोड़ने की पहल

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रमण कुमार के अनुसार, भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी लक्ष्य के तहत झारखंड में भी टीबी उन्मूलन अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है।

अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा की ओर से जिले के सभी पंचायतों के मुखियाओं को पत्र भेजकर अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से संभावित मरीजों की पहचान और उन्हें स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है।

मुखियाओं के सहयोग से मुफ्त टीबी जांच, मरीजों का उपचार, नियमित दवा, पोषण सहायता और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

हैंड हेल्ड एक्सरे से हो रही जांच

कोडरमा टीबी मुक्त अभियान के तहत जिले में संभावित मरीजों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग को भी मजबूत किया गया है। डॉ. रमण कुमार ने बताया कि जोखिम वाले समूहों वाले चिन्हित गांवों और वार्डों में स्क्रीनिंग कैंप लगाए जा रहे हैं।

इन शिविरों में अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। पोर्टेबल तकनीक के जरिए ऐसे क्षेत्रों में जांच पहुंचाने में मदद मिल रही है, जहां सामान्य जांच सुविधाओं तक पहुंच आसान नहीं होती। संभावित मरीजों की पहचान के बाद समय पर उपचार शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।

जून 2026 तक जिले में 435 टीबी मरीज अधिसूचित किए जा चुके हैं। वहीं, निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद 19 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।


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टीबी मुक्त पंचायत के लिए छह प्रमुख मानक

सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने के लिए छह प्रमुख इंडिकेटर निर्धारित किए गए हैं।

इन मानकों में प्रति हजार आबादी पर कम से कम 30 लोगों की टीबी जांच, कम से कम 85 प्रतिशत उपचार सफलता दर और प्रति हजार आबादी पर एक या उससे कम टीबी मरीज होना शामिल है। इसके अलावा सभी टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना का लाभ और शत-प्रतिशत मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

इन निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद ही किसी पंचायत को टीबी मुक्त घोषित किया जाता है। इसलिए केवल मरीजों की संख्या कम होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जांच, उपचार और पोषण सहायता से जुड़े निर्धारित लक्ष्य भी हासिल करने होते हैं।

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