News Saga Desk
रामगढ़: धनबाद रेल मंडल के सीआईसी सेक्शन के अंतर्गत पतरातू में लोको पायलट और सहायक लोको पायलटों ने कॉशन पेपर की मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ रविवार को जोरदार आंदोलन शुरू कर दिया। रनिंग स्टाफ ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि अब वे कॉशन पेपर लेने के लिए यार्ड मास्टर (YM) कार्यालय नहीं जाएंगे।
क्या है पूरा मामला
लोको पायलटों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को कॉशन पेपर या तो क्रू लॉबी में उपलब्ध कराया जाए या सीधे इंजन में दिया जाए। वर्तमान व्यवस्था के तहत उन्हें पहले क्रू लॉबी में रिपोर्ट करना पड़ता है और फिर कॉशन पेपर लेने के लिए अलग से YM कार्यालय जाना होता है, जिससे अनावश्यक समय बर्बाद होता है।
‘दोहरी प्रक्रिया से होता है समय खराब’
कर्मियों का आरोप है कि इस दोहरी प्रक्रिया के कारण समय पर इंजन तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। यदि किसी कारणवश ट्रेन लेट होती है, तो इसका पूरा ठीकरा लोको पायलटों पर फोड़ दिया जाता है, जिसे वे अनुचित मानते हैं।
कॉशन पेपर का महत्व
कॉशन पेपर रेलवे का एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जिसमें ट्रैक की स्थिति, स्पीड लिमिट और सिग्नल से जुड़ी अहम जानकारियां दर्ज रहती हैं। लोको पायलट इसी के आधार पर ट्रेन का सुरक्षित संचालन करते हैं। कर्मियों का कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए जटिल प्रक्रिया अपनाना व्यावहारिक नहीं है।
YM कार्यालय जाने से इनकार
विरोध स्वरूप रनिंग स्टाफ ने YM कार्यालय जाकर कॉशन पेपर लेने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था अव्यावहारिक है और इसे तत्काल बदला जाना चाहिए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
लोको पायलटों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि डिजिटल युग में पुरानी और जटिल प्रक्रियाओं को समाप्त किया जाए।
रेल परिचालन पर असर की आशंका
इस आंदोलन का असर पतरातू क्षेत्र में रेल परिचालन पर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें रेलवे प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
No Comment! Be the first one.