मधु कोड़ा की याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

मधु कोड़ा की याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। ईडी के आरोप पत्र में धनराशि बदलने के मामले में अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा।

News Saga Desk

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को झारखंड हाई कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। मधु कोड़ा की ओर से दाखिल याचिका पर अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो गईं। सुनवाई पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह याचिका प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोप पत्र में दर्ज धनशोधन की राशि में किए गए बदलाव को चुनौती देने से जुड़ी है।

मधु कोड़ा ने अपनी याचिका में निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत आरोप पत्र में धनशोधन की राशि में बदलाव को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। अब हाई कोर्ट के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा मामला?

मामला प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। ईडी ने इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप पत्र में धनशोधन से संबंधित राशि का उल्लेख किया गया था। बाद में इस राशि में बदलाव किए जाने को लेकर मधु कोड़ा की ओर से आपत्ति जताई गई।

मधु कोड़ा

पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से दायर याचिका में इसी बदलाव को चुनौती दी गई है। उनका पक्ष है कि आरोप पत्र में दर्ज धनराशि में बदलाव किए जाने के मामले को कानूनी तौर पर देखा जाना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने निचली अदालत के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

बुधवार को हुई सुनवाई में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

हाई कोर्ट में दोनों पक्षों ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने अदालत के सामने अपना पक्ष रखा। ईडी की ओर से इससे पहले ही मामले में जवाब दाखिल किया जा चुका था।

वहीं, मधु कोड़ा की ओर से निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए अपनी दलीलें रखी गईं। याचिका का मुख्य मुद्दा आरोप पत्र में धनशोधन की राशि में किए गए बदलाव और उस पर निचली अदालत के रुख से संबंधित है।

दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। अब इस मामले में हाई कोर्ट की ओर से फैसला सुनाया जाना बाकी है।

इसे भी देखे-

इसे भी देखे- Bihar Flood 2026: टूटे बांध, डूबी सड़कें! 12 जिलों पर बड़ा खतरा

निचली अदालत के आदेश को दी गई चुनौती

इस मामले में विवाद की एक अहम कड़ी निचली अदालत का वह आदेश है, जिसमें आरोप पत्र में धनशोधन की राशि में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद मधु कोड़ा ने हाई कोर्ट का रुख किया।

हाई कोर्ट में दाखिल याचिका के जरिए निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका पर सुनवाई के दौरान ईडी ने अपना जवाब भी अदालत के समक्ष रखा। बुधवार को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

Read More News

Read More