पटना शिक्षक सीट पर जन सुराज की एंट्री से मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। दिव्या ज्योति के नाम की चर्चा तेज है, जबकि नवल किशोर यादव का पुराना दबदबा है।
बिहार की राजनीति में पटना शिक्षक सीट को लेकर नई सियासी हलचल शुरू हो गई है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी अब बिहार विधान परिषद की इस सीट पर भाजपा को सीधी चुनौती देने की तैयारी में नजर आ रही है। दिव्या ज्योति के जन सुराज में शामिल होने के बाद पटना शिक्षक सीट से उनके संभावित चुनाव लड़ने की चर्चा तेज हो गई है।

इस सीट पर भाजपा समर्थित नवल किशोर यादव वर्ष 1996 से लगातार जीत दर्ज करते आ रहे हैं। ऐसे में 2026 का विधान परिषद चुनाव इस परंपरागत भाजपा गढ़ के लिए खास हो सकता है।
जन सुराज में शामिल हुईं दिव्या ज्योति
दिव्या ज्योति ने मंगलवार को पटना में जन सुराज की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती भी मौजूद रहे। पार्टी में शामिल होने के बाद दिव्या ज्योति ने कहा कि वह महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों से प्रेरित होकर सामाजिक न्याय और शिक्षा के मुद्दों पर लगातार काम करती रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशांत किशोर की विचारधारा से प्रभावित होकर उन्होंने जन सुराज का हिस्सा बनने का फैसला किया है। उनके पार्टी में आने के साथ ही पटना शिक्षक सीट पर जन सुराज की संभावित रणनीति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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दिव्या ज्योति पटना शिक्षक सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी पहले भी कर चुकी हैं। वह पिछले चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरी थीं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। अब जन सुराज के साथ राजनीतिक मंच मिलने से उनके चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। पार्टी का चुनाव चिह्न ‘स्कूल बैग’ है और शिक्षक मतदाताओं के बीच पार्टी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में दिव्या ज्योति को उम्मीदवार बनाए जाने की स्थिति में यह उनका दूसरा बड़ा चुनावी प्रयास होगा।
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