Nepal Floods: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से 1367 लोगों की मौत हुई, जबकि 5932 लोग लापता हैं। चितवन में सबसे ज्यादा 363 शव बरामद हुए हैं।
Nepal Floods ने नेपाल में भारी तबाही मचाई है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) की रिपोर्ट के अनुसार, अचानक आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 1367 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 15 दिनों से राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन हजारों लोगों का अब तक पता नहीं चल सका है। NDRRMA के बुलेटिन के मुताबिक, बचाव दल कम से कम 587 विदेशी नागरिकों समेत 5,932 लापता लोगों की तलाश में लगातार जुटे हुए हैं।

आपदा की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई जिलों में बड़ी संख्या में शव बरामद हुए हैं, जबकि सैकड़ों परिवार अब भी अपने परिजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
चितवन में सबसे ज्यादा 363 शव बरामद
Nepal Floods में सबसे ज्यादा मौतें चितवन जिले में दर्ज की गई हैं। NDRRMA के आंकड़ों के मुताबिक चितवन से अब तक 363 शव बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा नवलपरासी पूर्व और नवलपरासी पश्चिम में भी बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है।
जिलेवार बरामद शवों का आंकड़ा इस प्रकार है:
- चितवन: 363
- नवलपरासी पूर्व: 226
- नवलपरासी पश्चिम: 222
- नुवाकोट: 197
- रसुवा: 174
- गोरखा: 75
- धादिंग: 70
- तनहुं: 38
- काठमांडू में उपचार के दौरान: 2
रिपोर्ट में बताया गया है कि काठमांडू में उपचार के दौरान दो लोगों की मौत हुई, जिनके मामले में विभिन्न मानव अंग भी बरामद किए गए हैं। बाढ़ के बाद लापता लोगों की सबसे बड़ी संख्या रसुवा जिले से सामने आई है। यहां कुल 2,860 लोग लापता बताए गए हैं। इनमें रसुवा जिले के 1,393 नागरिक और अन्य जिलों के 1,286 नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों में नेपाली सेना के 45 जवान, नेपाल प्रहरी के 25 कर्मी, सशस्त्र प्रहरी के 12 जवान और सरकारी कर्मचारियों के 73 लोग भी शामिल हैं। बैंक तथा वित्तीय संस्थानों से जुड़े 26 कर्मचारियों के भी लापता होने की जानकारी दी गई है।
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102 शवों की हुई पहचान
NDRRMA की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 102 शवों की पहचान की जा चुकी है और उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। दूसरी ओर, बड़ी संख्या में शवों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षाकर्मियों ने पहचान की प्रक्रिया में मदद के लिए डीएनए नमूने भी एकत्र किए हैं। निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत 1,147 अज्ञात शवों को दफनाया जा चुका है। इतनी बड़ी संख्या में अज्ञात शवों का मिलना राहत और पहचान अभियान की कठिनाई को दर्शाता है।
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