पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों पर बड़ा एक्शन, 11 होल्डिंग सेंटर तैयार

News Saga Desk

कोलकाता | पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ और सीमा सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के विभिन्न जिलों में संदिग्ध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को रखने के लिए 11 होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक बंदियों को उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट स्थित होल्डिंग सेंटर में रखा गया है। राज्य सरकार का कहना है कि इन केंद्रों का उद्देश्य उन विदेशी नागरिकों को अस्थायी रूप से रखना है, जिनकी पहचान और दस्तावेजों की जांच चल रही है या जिनकी निर्वासन प्रक्रिया जारी है।

राज्य के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग द्वारा सभी जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं कि संदिग्ध विदेशी नागरिकों और जेल से रिहा हुए विदेशी कैदियों को रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। इन होल्डिंग सेंटरों में सुरक्षा, निगरानी और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था भी की गई है। सरकार के अनुसार, किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को अधिकतम 30 दिनों तक यहां रखा जा सकता है, जब तक उसकी नागरिकता और पहचान की पुष्टि नहीं हो जाती।

सूत्रों के मुताबिक, बशीरहाट, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे सीमावर्ती जिलों में घुसपैठ के मामले सबसे अधिक सामने आ रहे हैं। इसी वजह से इन इलाकों में प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। मालदा और मुर्शिदाबाद में पहले चरण में विशेष होल्डिंग सेंटर शुरू किए गए, जहां फिलहाल कई संदिग्ध लोगों को रखा गया है।

इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म है। विपक्षी दल सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन के लिए जरूरी है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ कहा है कि अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

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