मायावती ने यूपी के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर चिंता जताई है। उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का समर्थन करते हुए सरकारों से ठोस कदम उठाने की अपील की।
News Saga Desk
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश समेत देशभर के सरकारी स्कूलों की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकारों से ठोस कदम उठाने की अपील की। मायावती ने देशभर में चल रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए सरकारों को सही नीयत और नीति के साथ तत्काल काम करना चाहिए।
बसपा प्रमुख ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जेन-अल्फा यानी 2013 के बाद जन्मे बच्चों की शिक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा की उम्मीद रखने वाले बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
सरकारी स्कूलों की बदहाली पर जताई चिंता
मायावती ने कहा कि देशभर में, खासकर उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के राज्यों में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उनके मुताबिक स्कूलों में भवन, शिक्षक, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी बच्चों की शिक्षा को प्रभावित कर रही है।
उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के लिए स्कूल में पढ़ना, सीखना और खेलना प्राथमिकता होनी चाहिए, उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बसपा प्रमुख ने सरकारों से इन समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील की।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का समर्थन
मायावती ने देशव्यापी ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति को लेकर बच्चों और उनके अभिभावकों की आवाज सामने आ रही है।
उनके मुताबिक शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल घोषणाओं से संभव नहीं है। इसके लिए स्कूलों की वास्तविक स्थिति को समझकर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने सरकारों से बच्चों की मांगों और जरूरतों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की।
बच्चों की बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा उठाया
बसपा प्रमुख ने सरकारी स्कूलों में भवन, शिक्षक, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं की कमी का विशेष रूप से उल्लेख किया। उनका कहना है कि इन सुविधाओं के बिना बच्चों को बेहतर वातावरण में शिक्षा देना मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि जेन-अल्फा के बच्चे अब खुद अपनी समस्याओं को लेकर मुखर हो रहे हैं। मायावती ने यूपी समेत अन्य राज्यों की सरकारों से बच्चों की शिक्षा संबंधी जरूरतों और मांगों पर तत्काल ध्यान देने को कहा।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बसपा की चारों सरकारों के दौरान उनके नेतृत्व में वंचित और शोषित वर्गों के हित, कल्याण और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। मायावती ने शिक्षा को सामाजिक सम्मान और समान अवसर से जोड़ते हुए अपनी पार्टी की नीतियों का उल्लेख किया।
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बसपा प्रमुख ने सरकारी स्कूलों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि उनकी पार्टी इसका लगातार विरोध करती रही है। उन्होंने सरकारों से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
मायावती ने सरकारों से अपील की कि बच्चों की शिक्षा से जुड़ी मांगों को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। उन्होंने कहा कि जेन-अल्फा के बच्चों की जरूरतों और मांगों पर सही नीयत और नीति के साथ तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए।
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