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एमजीएम अस्पताल में डिमना जलापूर्ति योजना का ट्रायल सफल रहा। 15 अगस्त तक स्वच्छ पेयजल आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। जानें ट्रायल, लीकेज मरम्मत और परियोजना की पूरी जानकारी।

कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या अब समाप्त होने की ओर बढ़ रही है। मानगो नगर निगम की ओर से संचालित डिमना जलापूर्ति योजना के तहत मंगलवार को शंकोसाई श्यामनगर स्थित स्वर्णरेखा नदी के इंटेकवेल से अस्पताल परिसर तक पानी पहुंचाने का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस सफलता के साथ परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है और यदि शेष तकनीकी एवं औपचारिक कार्य समय पर पूरे हो जाते हैं, तो 15 अगस्त तक अस्पताल में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू होने की संभावना है।
सफल रहा जलापूर्ति का ट्रायल
ट्रायल के दौरान शंकोसाई श्यामनगर स्थित इंटेकवेल से एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में बने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) तक पानी सफलतापूर्वक पहुंचाया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि परियोजना की मुख्य पाइपलाइन और पंपिंग सिस्टम निर्धारित रूप से कार्य कर रहे हैं।
हालांकि परीक्षण के दौरान पाइपलाइन के चार स्थानों पर पानी का रिसाव भी सामने आया। इनमें शंकोसाई नंबर-1 क्षेत्र में तीन स्थान और डिमना स्थित स्मार्ट बाजार के समीप एक स्थान शामिल हैं। ट्रायल पूरा होने के तुरंत बाद निर्माण एजेंसी मदन लाल बजाज कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने लीकेज वाले सभी हिस्सों की मरम्मत शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि अगले तीन दिनों में सभी तकनीकी खामियों को दूर कर पाइपलाइन को पूरी तरह तैयार कर दिया जाएगा।
इस परियोजना का ट्रायल पहले 15 जुलाई को प्रस्तावित था, लेकिन ट्रांसफॉर्मर की अनुपलब्धता, लो वोल्टेज की समस्या और पाइपलाइन के ज्वाइंट एवं बैंड वाले हिस्सों की ढलाई पूरी तरह नहीं सूखने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था।
बाद में निर्माण एजेंसी ने डीजल जनरेटर (डीजी) की सहायता से पंपिंग सिस्टम संचालित किया, जिसके बाद सफलतापूर्वक ट्रायल पूरा किया गया। इससे परियोजना के क्रियान्वयन में आ रही प्रमुख बाधाएं दूर होती नजर आ रही हैं।
15 अगस्त तक शुरू हो सकती है नियमित जलापूर्ति
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यदि शेष तकनीकी सुधार और औपचारिक प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं, तो 15 अगस्त तक इस बहुप्रतीक्षित जलापूर्ति योजना का उद्घाटन किया जा सकता है। इसके बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को नियमित रूप से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पताल के वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, प्रयोगशालाएं, छात्रावास, ओपीडी और अन्य विभागों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे मरीजों, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों को स्वच्छ पानी की सुविधा मिल सकेगी।
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एमजीएम अस्पताल लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहा है। पर्याप्त और स्वच्छ पानी की कमी के कारण मरीजों और उनके परिजनों के साथ-साथ अस्पताल के डॉक्टरों एवं कर्मचारियों को भी लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। कई बार पानी की कमी का असर अस्पताल की दैनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिला।
नई जलापूर्ति योजना शुरू होने के बाद न केवल इस समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है, बल्कि अस्पताल में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
इस परियोजना को समय पर पूरा कराने को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कई अवसरों पर योजना में हो रही देरी का मुद्दा उठाते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों से कार्य में तेजी लाने की मांग की थी।
अब सफल ट्रायल के बाद यह उम्मीद और मजबूत हो गई है कि एमजीएम अस्पताल को जल्द ही नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे हजारों मरीजों और अस्पताल से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
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