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झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा समेत पांच लोग गिरफ्तार, तीन AK-47 राइफल बरामद।

झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। Misir Besra Arrested मामले में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और ₹1 करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा उर्फ सागर दा को संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ संगठन के दो सक्रिय सदस्यों और दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, मिसिर बेसरा के खिलाफ झारखंड में 141 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
भागने की कोशिश के दौरान दबोचा गया
जानकारी के मुताबिक, गिरिडीह-धनबाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे विशेष नक्सल विरोधी अभियान के दौरान मिसिर बेसरा अपने चार सहयोगियों के साथ टाटा मैजिक वाहन से भागने की कोशिश कर रहा था। खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने धनबाद के बरवाअड्डा इलाके में वाहन को घेर लिया और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
तीन AK-47 राइफल समेत हथियार बरामद
झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम को इस अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार भी मिले। पुलिस ने टाटा मैजिक वाहन से तीन AK-47 राइफल बरामद की हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल नक्सली गतिविधियों में किया जाना था।
गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में रीजनल कमेटी सदस्य तुम्बा मांझी, एरिया कमेटी सदस्य बिरेन हांसदा, मंगल मुर्मू और दिनेश राय शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। वह झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में सक्रिय रह चुका है। उस पर सुरक्षाबलों पर हमले, हत्या, लेवी वसूली, विस्फोट और अन्य गंभीर नक्सली वारदातों में शामिल होने के आरोप हैं।
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उसकी गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इससे माओवादी संगठन की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा।
पूछताछ जारी, मिल सकती हैं कई अहम जानकारियां
गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियां सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान नक्सली नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, संगठन के अन्य सदस्यों और भविष्य की योजनाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।
झारखंड के आईजी (अभियान) नरेंद्र कुमार सिंह ने बुधवार को मिसिर बेसरा और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और राज्य में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में भी लगातार छापेमारी कर रही हैं।
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