72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभिनेताओं को हानिकारक उत्पादों के विज्ञापन से बचने की सलाह दी। जानें शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के पान मसाला ऐड विवाद से इसका कनेक्शन।
गुजरात में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards) समारोह का मंच उस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया, जब भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फिल्म जगत के दिग्गज कलाकारों को एक विशेष और गंभीर संदेश दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने मंच से भारतीय फिल्म सितारों से यह अपील की कि वे ऐसे किसी भी उत्पाद या ब्रांड का विज्ञापन न करें जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

‘सच्चा स्टार वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं’ राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि लोकप्रिय अभिनेताओं और अभिनेत्रियों का आम जनता, विशेषकर देश के युवाओं और बच्चों पर बहुत गहरा प्रभाव होता है। समाज का एक बड़ा वर्ग अपने पसंदीदा कलाकारों के आचार-विचार, पहनाव और जीवनशैली को फॉलो करता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “जब सफल और लोकप्रिय कलाकार अनुशासित जीवनशैली और अच्छी आदतों के फायदों के बारे में बात करते हैं, तो देश के लाखों युवा उनसे प्रेरणा लेते हैं। इसलिए कलाकारों की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह उत्पादों के प्रचार से खुद को दूर रखें। एक सच्चा स्टार वही है जो समाज में रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं।”
शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ विवाद से कनेक्शन राष्ट्रपति मुर्मू की यह सख्त नसीहत ऐसे समय में आई है जब बॉलीवुड के तीन बड़े सुपरस्टार्स—शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ—एक पान मसाला ब्रांड के विज्ञापन को लेकर कानूनी विवाद और जांच के घेरे में हैं।
तीनों अभिनेता विमल इलायची (Vimal Elaichi) के एक संयुक्त विज्ञापन में नजर आए थे। इस मामले में महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया है कि यह विज्ञापन प्रतिबंधित पान मसाला का अप्रत्यक्ष यानी ‘सरोगेट प्रचार’ (Surrogate Advertising) है। महाराष्ट्र FDA ने FSSAI के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में तीनों कलाकारों को कारण बताओ (Show-Cause) नोटिस जारी किया है।
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने स्पष्ट किया है कि सरोगेट विज्ञापनों के मामलों में केवल उत्पाद बनाने वाली कंपनी या विक्रेता ही नहीं, बल्कि विज्ञापन में शामिल सेलिब्रिटी एंडोर्सर (Endorser) भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा था मामला विमल इलायची का निर्माण करने वाली कंपनी पीबी एग्रो एलएलपी (PB Agro LLP) ने महाराष्ट्र FDA द्वारा जारी नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि, 14 सितंबर को सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी और स्पष्ट किया कि इस मामले की सुनवाई के लिए महाराष्ट्र की अदालतें ही उचित मंच हैं।
छोटे कर्मचारियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा पर जोर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति ने सिर्फ हानिकारक विज्ञापनों पर ही बात नहीं की, बल्कि फिल्म उद्योग के उन गुमनाम नायकों का मुद्दा भी उठाया जो पर्दे के पीछे काम करते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री की पूरी अर्थव्यवस्था और सफलता में छोटे कलाकारों, स्पॉट बॉय, तकनीशियनों और सहायकों का बहुत बड़ा योगदान होता है। उन्हें उचित सम्मान, बेहतर कार्य परिस्थितियां और सामाजिक सुरक्षा मिलनी अनिवार्य है।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के प्रमुख विजेता इस गरिमामय समारोह में भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई कलाकारों को सम्मानित किया गया:
- दादासाहेब फाल्के पुरस्कार: दिग्गज कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान के लिए सर्वोच्च दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया।
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: कार्तिक आर्यन को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ और यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ में उनके शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के सम्मान से नवाजा गया।
- विशेष सम्मान: दक्षिण भारतीय फिल्मों के मेगास्टार ममूटी को फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ में उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए उनका चौथा नेशनल फिल्म अवॉर्ड प्राप्त हुआ।
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