नीट प्रश्नपत्र लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। सात मामले दर्ज, 14 गिरफ्तार। गुंडा दमन कानून के तहत कार्रवाई शुरू।
News Saga Desk
नीट पेपर लीक विरोध को लेकर कोलकाता के धर्मतला में निकाले गए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जुलूस के दौरान हुई हिंसा पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोग छात्र नहीं हैं, बल्कि ऐसे तत्व हैं जिन्होंने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और अशांति फैलाने का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन आरोपितों के खिलाफ गुंडा दमन कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। हिंसा, पत्रकारों पर हमले और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
सात मामले दर्ज, 14 आरोपित गिरफ्तार
मुख्यमंत्री के अनुसार, धर्मतला में हुई हिंसा के संबंध में हेयर स्ट्रीट थाने में छह और एंटाली थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। इस तरह कुल सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इन मामलों में गुंडा दमन कानून की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

उन्होंने बताया कि अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपित राज्य से बाहर भागने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।
पत्रकारों पर हमले का भी मामला
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पत्रकारों पर हमला किया और कवरेज में बाधा डालने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियां नीट पेपर लीक विरोध के कारण नहीं, बल्कि पत्रकारों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों और हिंसा से जुड़े मामलों के आधार पर की गई हैं।
उन्होंने दोहराया कि विधानसभा में जो घोषणा की गई थी, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है और कानून अपना काम कर रहा है।
मदरसों और ओबीसी प्रमाणपत्रों की जांच का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खारिजी मदरसों की जांच चल रही है और ओबीसी प्रमाणपत्रों के संबंध में उच्च न्यायालय के आदेशों को लागू किया जा रहा है। उनके अनुसार, इन कार्रवाइयों से कुछ लोग नाराज हैं और इसी कारण अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि अवैध रूप से जारी किए गए ओबीसी प्रमाणपत्रों को न्यायालय के निर्देशानुसार निरस्त किया जा रहा है। साथ ही सरकार अन्य कानूनों और नीतियों को भी प्रभावी ढंग से लागू कर रही है।
इसे भी देखे- हमने कर दिखाया, धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया- अभिजीत दीपके
कानून-व्यवस्था पर सरकार का सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने साउंड पॉलिसी सहित कई प्रशासनिक नियमों को सख्ती से लागू किया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ असामाजिक तत्व इन कदमों का विरोध कर रहे हैं और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग हिंसा और अराजकता फैलाने में शामिल हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता। ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि धर्मतला हिंसा मामले में दर्ज मामलों के आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि सात मामले दर्ज किए गए हैं और 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों पर गुंडा दमन कानून के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
हाल के दिनों में नीट पेपर लीक विरोध को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदर्शन किए गए हैं। कोलकाता में निकाले गए एक जुलूस के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ और पत्रकारों पर हमले की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, हिंसा करने और पत्रकारों पर हमला करने के मामलों में प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा। वहीं, घटना के बाद कानून-व्यवस्था और प्रदर्शन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी है। अधिकारियों के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और शिकायतों के आधार पर अन्य आरोपितों की भी पहचान की जा रही है। यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
No Comment! Be the first one.