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राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर चियांकी में फ्लाईओवर निर्माण के दौरान जमीन अधिग्रहण और मुआवजे के विवाद ने लिया हिंसक रूप, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात।
पलामू फ्लाईओवर निर्माण विवाद में मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच पथराव हुआ। राष्ट्रीय राजमार्ग-39 के चियांकी में कई लोग घायल हुए और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जानिए पूरा मामला।
पलामू फ्लाईओवर निर्माण विवाद: मुआवजे को लेकर ग्रामीणों और पुलिस में पथराव, कई घायल
झारखंड के पलामू जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-39 (NH-39) पर चियांकी फ्लाईओवर निर्माण को लेकर चल रहा जमीन अधिग्रहण और मुआवजे का विवाद गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। फ्लाईओवर परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के उचित मुआवजे की मांग कर रहे ग्रामीणों और प्रशासनिक टीम के बीच पहले तीखी बहस हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। इस घटना में कई ग्रामीण और पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) भेजा गया है।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन ने मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मुआवजे को लेकर लंबे समय से चल रहा है विवाद
जानकारी के अनुसार, चियांकी में बन रहे फ्लाईओवर के लिए कई किसानों और स्थानीय लोगों की जमीन अधिग्रहित की गई है। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें अब तक उनकी जमीन का उचित और पूर्ण मुआवजा नहीं मिला है। इसी मुद्दे को लेकर वे लंबे समय से प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
गुरुवार को जब प्रशासन निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए टीम के साथ मौके पर पहुंचा, तब बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए और निर्माण कार्य का विरोध करने लगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक फ्लाईओवर निर्माण का कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच पहले बातचीत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया।
पत्थरबाजी में कई ग्रामीणों के अलावा पुलिसकर्मी भी घायल हुए। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया। सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी अफजाल अंसारी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
धारा 163 लागू होने के बावजूद जुटे ग्रामीण
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रशासन का कहना है कि निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद प्रदर्शन किए जाने से स्थिति बिगड़ी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है तो विरोध प्रदर्शन करना उनकी मजबूरी है।
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण तो कर लिया, लेकिन मुआवजे के भुगतान में लगातार देरी की जा रही है। उनका कहना है कि कई प्रभावित परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी पात्र लोगों को उचित और पूर्ण मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक फ्लाईओवर निर्माण का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
प्रशासन ने दिया भरोसा
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि मुआवजे से संबंधित कुछ तकनीकी और दस्तावेजी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि सभी पात्र भू-स्वामियों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।
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प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि बातचीत के माध्यम से विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद चियांकी और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि दोबारा किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। प्रशासन ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस लगातार इलाके में गश्त कर रही है।
पलामू में फ्लाईओवर निर्माण परियोजना क्षेत्र के यातायात को सुगम बनाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, मुआवजे को लेकर जारी विवाद के कारण परियोजना की गति प्रभावित हो रही है। अब सभी की नजर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच होने वाली आगामी वार्ता पर टिकी है, जिससे यह तय होगा कि परियोजना आगे बढ़ेगी या विवाद और गहराएगा।
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