पेपर लीक पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, प्रदीप यादव बोले- 152 परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित

NEWS SAGA DESK

रांची में कांग्रेस नेता प्रदीप यादव ने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि 2014 से अब तक 152 परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। जानें पूरी खबर।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इन घटनाओं को युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय बताते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक की वजह से लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों छात्रों की मेहनत और उम्मीदों पर असर पड़ा है।

रविवार को रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदीप यादव ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से अब तक देशभर में 152 महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लगभग 7.5 करोड़ छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।

पेपर लीक को बताया युवाओं के भविष्य के साथ धोखा

प्रदीप यादव ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन जब परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो जाता है तो उनकी पूरी मेहनत बेकार चली जाती है। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर धोखा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं के बावजूद दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका कहना था कि यदि समय पर सख्त कदम उठाए गए होते, तो इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती थी।

प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जवाबदेही तय करने में विफलता रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह होना चाहिए।

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प्रदीप यादव ने दावा किया कि पेपर लीक की घटनाओं से निराश होकर दो दर्जन से अधिक छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली, लेकिन प्रभावित परिवारों को अपेक्षित सहायता और न्याय नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार की प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना और दोषियों को कड़ी सजा दिलाना होना चाहिए।

प्रदीप यादव ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। उनके अनुसार, राहुल गांधी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के अधिकारों की आवाज बनकर सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल आलोचना करना नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं को सामने लाकर परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

‘छात्रों की गूंज’ अभियान की जानकारी

प्रेस वार्ता में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के संयोजक कुमार राजा ने अभियान की रूपरेखा भी साझा की। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान 40 दिनों तक 28 शहरों में आयोजित किया जाएगा।

अभियान के तहत छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम, मैराथन, सांस्कृतिक आयोजन और मशाल जुलूस जैसे कार्यक्रम किए जाएंगे। उनका कहना था कि इस अभियान का उद्देश्य छात्रों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को व्यापक स्तर तक पहुंचाना है।

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