स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने घेरा विधायकों का आवास, कटमनी और अवैध वसूली का लगाया गंभीर आरोप।
कोलकाता के एंटाली इलाके में भ्रष्टाचार, कटमनी और जबरन वसूली के खिलाफ स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक संदीपन साहा और स्वर्णकमल साहा के आवास के बाहर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दोनों नेताओं के घर के सामने झाड़ू-जूते बांधकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए और फ्लैटों पर कब्जा करने व उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए।
News Saga Desk
कोलकाता। कोलकाता के एंटाली इलाके में गुरुवार को स्थानीय लोगों के एक समूह ने विधायक संदीपन साहा और स्वर्णकमल साहा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दोनों नेताओं पर भ्रष्टाचार, कटमनी मांगने और वसूली करने के आरोप लगाए।
सुबह निकाले गए विरोध मार्च में स्थानीय निवासियों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का एक वर्ग भी शामिल हुआ। मार्च सांदीपन और स्वर्णकमल के आवास के सामने पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने लाउडस्पीकर के जरिए नारेबाजी की। इस दौरान उनके घर के सामने झाड़ू और जूते भी बांधे गए तथा ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संदीपन और स्वर्णकमल विभिन्न इलाकों में फ्लैट और मकानों पर कब्जा करने, पैसे नहीं लौटाने, जबरन वसूली करने तथा झूठे वादों के जरिए लोगों से धन लेने जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से कथित उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया। हालांकि प्रदर्शन के दौरान दोनों नेताओं में से कोई भी अपने आवास पर दिखाई नहीं दिया।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के विधायक दल में टूट की स्थिति सामने आई थी। 59 बागी विधायकों के समर्थन से उलुबेड़िया पूर्व के निष्कासित तृणमूल विधायक ऋतव्रत बंद्योपाध्याय को विपक्ष का नेता चुना गया। विधायक हस्ताक्षर जालसाजी मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत देने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को ऋतव्रत बंद्योपाध्याय और संदीपन साहा को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
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