Rajbhasha Implementation Meeting के तहत डीवीसी मैथन परियोजना में तिमाही बैठक आयोजित हुई। कार्यालयीन कार्यों, ई-ऑफिस और पत्राचार में हिंदी के अधिक प्रयोग पर जोर दिया गया।
Rajbhasha Implementation Meeting के तहत दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) की मैथन परियोजना में अप्रैल-जून 2026 तिमाही की राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक शुक्रवार को सफलतापूर्वक आयोजित की गई। कंबाइंड बिल्डिंग स्थित एनएचपी सम्मेलन कक्ष में आयोजित इस बैठक में कार्यालयीन कार्यों, पत्राचार और ई-ऑफिस में हिंदी के अधिकाधिक एवं प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता कार्यपालक निदेशक (सिविल), परियोजना प्रधान एवं राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष सुबीर कुमार साहा ने की। Rajbhasha Implementation Meeting के दौरान राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के विस्तार तथा कर्मचारियों के प्रशिक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत अध्यक्ष की अनुमति से कार्यपालक (राजभाषा) रवि कुमार सिन्हा द्वारा सभी सदस्यों के स्वागत के साथ हुई। उन्होंने बैठक का संचालन करते हुए तिमाही समीक्षा के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की रूपरेखा प्रस्तुत की।

कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग पर विशेष बल
अध्यक्षीय संबोधन में सुबीर कुमार साहा ने कहा कि कार्यालयीन कार्यों, आधिकारिक पत्राचार और ई-ऑफिस प्रणाली में हिंदी का अधिकाधिक उपयोग समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रभावी प्रयोग न केवल प्रशासनिक कार्यों को सरल और सहज बनाता है, बल्कि संचार को भी अधिक स्पष्ट और प्रभावशाली बनाता है।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों और अधिकारियों से अपील की कि वे राजभाषा संबंधी सभी प्रावधानों का गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ पालन सुनिश्चित करें, ताकि सरकारी कार्यों में हिंदी का प्रयोग और अधिक व्यापक हो सके।
तिमाही प्रगति रिपोर्ट की हुई विस्तृत समीक्षा
Rajbhasha Implementation Meeting के दौरान पिछली तिमाही के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई और मार्च 2026 तक की तिमाही प्रगति रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3), राजभाषा नियम-5, मूल पत्राचार में हिंदी का प्रयोग, हिंदी में टिप्पण लेखन तथा राजभाषा प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों में हिंदी के प्रयोग की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की।
एआई, कवि सम्मेलन और नुक्कड़ नाटक पर भी चर्चा
बैठक में राजभाषा के प्रचार-प्रसार को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई रचनात्मक गतिविधियों पर भी सहमति बनी। समिति ने कवि सम्मेलन, नुक्कड़ नाटक और राजभाषा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर पूर्ण-दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और नवाचारों के माध्यम से हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरण भविष्य में कार्यालयीन कार्यों को आसान बनाने में सहायक होंगे।
विभागाध्यक्षों ने साझा की प्रगति रिपोर्ट
बैठक में विभिन्न विभागों एवं अनुभागों के विभागाध्यक्षों और नोडल अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों में हिंदी के प्रयोग, उपलब्धियों और तिमाही प्रगति से संबंधित प्रस्तुतियां दीं।
इसके अलावा तिमाही प्रगति रिपोर्ट के महत्व, उसके प्रभावी क्रियान्वयन और कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा के व्यावहारिक उपयोग को बढ़ाने के उपायों पर भी सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि नियमित प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने के लिए और अधिक प्रोत्साहित किया जाए।
Background: राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की पहल
भारत सरकार की राजभाषा नीति के तहत सभी केंद्रीय उपक्रमों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समय-समय पर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकें आयोजित की जाती हैं।
इन बैठकों का उद्देश्य विभिन्न विभागों में हिंदी के उपयोग की समीक्षा करना, आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाना और कर्मचारियों को राजभाषा संबंधी नियमों के प्रति जागरूक बनाना होता है। मैथन परियोजना की यह तिमाही बैठक भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।
Official Statement: प्रतिबद्धता के साथ लागू हों राजभाषा प्रावधान
बैठक में अध्यक्ष सुबीर कुमार साहा ने स्पष्ट कहा कि राजभाषा संबंधी सभी प्रावधानों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दक्षता और प्रभावी संचार के लिए हिंदी का व्यापक उपयोग आवश्यक है।
उन्होंने सभी अधिकारियों से विभागीय कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता देने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आह्वान किया।
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Public Information: बड़ी संख्या में अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक, वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक, सहायक प्रबंधक और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन/प्रशासन) सुखमय नायक ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन कार्यपालक (राजभाषा) रवि कुमार सिन्हा ने किया, जबकि आयोजन के सफल समन्वय में सहायक ग्रेड-I जयंत फणी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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