रामायण को फंड देने से डिज्नी ने किया था इनकार, ललित मोदी का खुलासा

NEWS SAGA DESK

रामानंद सागर की रामायण को फंड देने से डिज्नी ने इनकार कर दिया था। ललित मोदी ने पॉडकास्ट में बताया कि मीटिंग में क्या हुआ और कैसे बनी यह ऐतिहासिक सीरियल।

रामानंद सागर की ‘रामायण’ भारतीय टेलीविजन के इतिहास के सबसे चर्चित धारावाहिकों में शामिल है। 1987 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुए इस शो ने दर्शकों के बीच ऐसी लोकप्रियता हासिल की कि रविवार की सुबह बड़ी संख्या में लोग टीवी के सामने बैठ जाते थे। लेकिन इस ऐतिहासिक धारावाहिक के निर्माण से पहले फंड जुटाने में भी मुश्किलें आई थीं। आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने एक पॉडकास्ट में दावा किया कि डिज्नी ने शुरुआत में रामायण को फंड देने से इनकार कर दिया था।

रामानंद सागर की ‘रामायण’

ललित मोदी के मुताबिक, उस समय रामानंद सागर को अपने धारावाहिक के निर्माण के लिए निवेश की जरूरत थी। मोदी डिज्नी के साथ काम कर रहे थे और उन्होंने इस परियोजना के लिए निवेश जुटाने की कोशिश की। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर हुई बैठक में ऐसी परिस्थितियां बनीं कि डील आगे नहीं बढ़ सकी।

दूरदर्शन के नियमों के कारण फंड की जरूरत

ललित मोदी ने ‘द भारत इंक’ पॉडकास्ट में बताया कि 1980 और 1990 के दशक में दूरदर्शन के साथ काम करने का तरीका आज के निजी टीवी चैनलों से अलग था। उनके अनुसार, उस दौर में निर्माताओं को अपने कार्यक्रम बनाने के लिए वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था खुद करनी पड़ती थी। इसी वजह से रामानंद सागर को रामायण के निर्माण के लिए निवेशक की तलाश थी।

मोदी ने बताया कि रामानंद सागर इस सिलसिले में उनके पास पहुंचे थे। वह इस परियोजना में निवेश करने के लिए तैयार थे, लेकिन उनके कारोबारी साझेदार डिज्नी की सहमति जरूरी थी। इसके बाद उन्होंने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार किया।

एक करोड़ रुपये के निवेश पर होनी थी चर्चा

ललित मोदी के दावे के अनुसार, योजना रामायण के लिए एक करोड़ रुपये का निवेश करने और बदले में शो के अधिकार हासिल करने की थी। इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए डिज्नी के वरिष्ठ अधिकारी भारत आए थे। मोदी ने बैठक का जिक्र करते हुए बताया कि विदेशी अधिकारी औपचारिक कारोबारी माहौल में बातचीत और प्रेजेंटेशन की उम्मीद कर रहे थे।

लेकिन बैठक में रामानंद सागर का अंदाज उनकी उम्मीदों से अलग था। मोदी के अनुसार, रामानंद सागर शॉर्ट्स यानी हाफ पैंट पहनकर मीटिंग में पहुंचे थे। इस घटना को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वहां मौजूद अधिकारियों के लिए यह स्थिति असामान्य थी।

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