रांची में डूरंड कप 2026 की तैयारियां तेज हैं। पहली बार झारखंड को मेजबानी मिली है। 26 जुलाई से बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में छह मुकाबले खेले जाएंगे।
रांची में डूरंड कप 2026 का उत्साह चरम पर
रांची में डूरंड कप 2026 को लेकर राजधानी में खेल प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट की ट्रॉफी शनिवार को रांची पहुंची, जहां दीपाटोली मिलिट्री स्टेशन में इसका भव्य स्वागत किया गया। पारंपरिक छऊ नृत्य के साथ ट्रॉफी का अनावरण हुआ और इसके बाद झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने ट्रॉफी को शहर भ्रमण के लिए फ्लैग ऑफ किया। इस बार पहली बार रांची को इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है, जिसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

पहली बार रांची को मिली मेजबानी
रांची में डूरंड कप 2026 का आयोजन झारखंड के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 26 जुलाई से मुकाबलों की शुरुआत होगी। रांची को इस संस्करण में कुल छह मैचों की मेजबानी मिली है। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की संभावना है।
आयोजकों का मानना है कि इस आयोजन से न केवल फुटबॉल को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रांची राष्ट्रीय खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत करेगा।
डूरंड कप का गौरवशाली इतिहास
डूरंड कप की शुरुआत वर्ष 1888 में हुई थी और इसे एशिया का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट माना जाता है। वर्षों से यह प्रतियोगिता भारतीय फुटबॉल के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। देश के कई बड़े क्लब और उभरते खिलाड़ी इस मंच के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते रहे हैं।
पिछले वर्ष टूर्नामेंट का सफल आयोजन जमशेदपुर में हुआ था। उसी सफलता के बाद इस बार रांची में डूरंड कप 2026 आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिससे झारखंड को खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने जताया गर्व
जनरल ऑफिसर कमांडिंग सज्जन सिंह मान ने कहा कि डूरंड कप केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि भारतीय फुटबॉल की समृद्ध विरासत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि जमशेदपुर में सफल आयोजन के बाद पहली बार रांची को मेजबानी मिली है, जो पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है।
नोडल ऑफिसर कर्नल हेमचंद्रा ने कहा कि झारखंड सरकार ने आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरा सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि रांची को छह मुकाबलों की मेजबानी मिलना राज्य की खेल क्षमता और बेहतर खेल अवसंरचना का प्रमाण है।
वहीं कर्नल अमित कुमार ने कहा कि बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम अब इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट का साक्षी बनने जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी झारखंड इसी तरह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करेगा।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का आधिकारिक बयान
रांची में डूरंड कप 2026 के ट्रॉफी समारोह में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि वर्ष 1888 से आयोजित हो रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की विरासत को भारतीय सेना ने बेहतरीन तरीके से संरक्षित रखा है। उन्होंने सेना का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रांची को मेजबानी देने का निर्णय झारखंड के लिए सम्मान की बात है।
मंत्री ने कहा कि राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। अब इस आयोजन के जरिए झारखंड यह भी साबित करेगा कि वह बड़े खेल आयोजनों का सफल संचालन करने में पूरी तरह सक्षम है।
आम लोगों के लिए क्या है खास?
ट्रॉफी के रांची पहुंचने के बाद शहर के प्रमुख स्थानों पर इसका रोड शो आयोजित किया गया, जिससे आम नागरिकों और फुटबॉल प्रेमियों को ट्रॉफी देखने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के अनुसार ट्रॉफी सबसे पहले न्यूक्लियस मॉल पहुंची। इसके बाद मोरहाबादी मैदान, फिरायालाल चौक और सुजाता चौक होते हुए वापस दीपाटोली मिलिट्री स्टेशन पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों ने ट्रॉफी का स्वागत किया।
26 जुलाई से शुरू होने वाले मुकाबलों के दौरान बड़ी संख्या में दर्शकों के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
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झारखंड के खेल विकास को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि रांची में डूरंड कप 2026 का आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि झारखंड के खेल पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और युवा खिलाड़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर है। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिलने की संभावना है।
साथ ही युवा खिलाड़ियों को देश के शीर्ष फुटबॉल क्लबों और खिलाड़ियों को करीब से देखने तथा उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा। यही कारण है कि यह आयोजन राज्य के खेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रांची में पहली बार आयोजित हो रहा यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट न केवल फुटबॉल प्रेमियों के लिए उत्साह का केंद्र बनेगा, बल्कि झारखंड को राष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने वाले प्रमुख राज्यों की सूची में भी मजबूती से स्थापित करेगा।
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