News Saga Desk
झारखंड विधानसभा सचिवालय में सहायक पद पर कार्यरत महिला कर्मी अंजना तिवारी की मौत के बाद विधानसभा कर्मियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुस्साए कर्मचारियों ने अंजना तिवारी के पार्थिव शरीर को विधानसभा परिसर में रखकर विरोध प्रदर्शन किया और मामले में न्याय की मांग उठाई।
इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता और विधायक सी. पी. सिंह भी विधानसभा पहुंचे और अंजना तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। विधानसभा परिसर में 2 मिनट का मौन रख उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप
परिजनों का आरोप है कि अंजना तिवारी को एक दिन पहले गोल ब्लैडर में स्टोन की शिकायत के बाद रांची मेन रोड स्थित Santevita Hospital में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से उनकी मौत हो गई।
मामले को लेकर परिवार की ओर से कोतवाली थाना में लिखित आवेदन दिया गया है, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
“पहले बेटा गया, अब बहू भी चली गई”
अंजना तिवारी की सास ने भावुक होकर कहा कि उनका बेटा पहले ही गुजर चुका है और अब बहू की भी इस तरह मौत हो गई। उन्होंने कहा कि परिवार में अब केवल एक छोटी बच्ची बची है। रोते-बिलखते परिजनों ने मामले में इंसाफ की मांग की है। पुलिस ने आवेदन मिलने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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