सावन 2026 की तृतीया तिथि पर बेतिया के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मनोकामना शिव मंदिर में विशेष पूजा, जलाभिषेक और महाआरती का आयोजन हुआ।
बेतिया: सावन 2026 के पावन अवसर पर तृतीया तिथि के दिन बेतिया के प्रमुख शिवालयों में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। पूरे शहर में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। सावन 2026 के इस विशेष दिन महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने बड़ी श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।

मनोकामना शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना
सागर पोखरा स्थित प्रसिद्ध मनोकामना शिव मंदिर में सावन 2026 के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। मंदिर को फूलों, बेलपत्र और रंग-बिरंगी सजावट से आकर्षक रूप दिया गया। प्रातःकाल भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना और महाआरती संपन्न हुई।
मंदिर में बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने शांतिपूर्वक कतार में रहकर दर्शन किए और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। महाआरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर शिव भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
जलाभिषेक और पूजन का विशेष आयोजन
सावन 2026 के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा और अन्य पारंपरिक पूजन सामग्री से जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा करते हुए अपने परिवार के सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।
कई भक्त सुबह से ही पूजा की तैयारी कर मंदिर पहुंचे थे। शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं ने रुद्राष्टक, शिव चालीसा और अन्य धार्मिक स्तोत्रों का पाठ भी किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा।

सावन माह का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में सावन 2026 का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन माह में श्रद्धा और नियमपूर्वक शिव पूजा करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
विशेष रूप से तृतीया तिथि पर शिवलिंग का जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। इसी आस्था के कारण सावन के प्रत्येक दिन, विशेषकर सोमवार और प्रमुख तिथियों पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।
पूरे शहर में बना रहा भक्तिमय वातावरण
बेतिया के मनोकामना शिव मंदिर के अलावा शहर के अन्य शिवालयों में भी दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। मंदिर परिसरों में भक्त पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और भजन-कीर्तन में शामिल होते रहे। जगह-जगह भगवान शिव के भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
परिवारों के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दर्शन किए और धार्मिक परंपराओं का पालन किया। मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन व्यवस्था भी सुव्यवस्थित रखी गई, जिससे पूजा-अर्चना बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकी।
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श्रद्धालुओं ने व्यक्त की अपनी आस्था
मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि सावन माह में भगवान शिव की आराधना करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक संतोष की प्राप्ति होती है। उनका विश्वास है कि श्रद्धा और सच्चे मन से की गई पूजा जीवन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने और सुख-समृद्धि प्राप्त करने का माध्यम बनती है।
कई श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की खुशहाली, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और समाज में शांति की कामना करते हुए भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया।
सावन 2026 के दौरान मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए सुव्यवस्थित कतारें बनाई गईं और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से शांति और अनुशासन बनाए रखते हुए पूजा-अर्चना करने की अपील की। पूरे दिन धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए और किसी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।
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