श्रावण मास 2026: CM हेमंत सोरेन ने बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं का किया स्वागत

NEWS SAGA DESK

श्रावण मास 2026 की शुरुआत पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बाबा बैद्यनाथ धाम और बाबा बासुकीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत किया और सुरक्षित यात्रा की अपील की।

श्रावण मास 2026 पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का श्रद्धालुओं को संदेश

श्रावण मास 2026 के शुभारंभ के साथ ही झारखंड में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से बाबा बैद्यनाथ धाम और बाबा बासुकीनाथ धाम आने वाले सभी कांवरियों और श्रद्धालुओं का झारखंड की पावन धरती पर स्वागत किया। उन्होंने सभी भक्तों की सुखद, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार श्रावणी मेले के सफल आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

श्रावण मास 2026

श्रद्धालुओं के सुख, शांति और समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक संदेश साझा करते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी श्रद्धालुओं के लिए सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की।

उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से सभी भक्तों की श्रद्धा, आस्था और तपस्या सफल हो तथा यह पावन श्रावण मास 2026 सभी के जीवन में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए। मुख्यमंत्री ने अपनी शुभकामनाओं में सभी श्रद्धालुओं के जीवन में मंगल की कामना भी व्यक्त की।

श्रावण मास 2026

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण मास 2026 के दौरान आयोजित होने वाले श्रावणी मेले को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

श्रावण मास में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से जल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और आगे बाबा बासुकीनाथ धाम तक कांवर यात्रा करते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने में जुटा है।

प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि निर्धारित नियमों का पालन करने से यात्रा अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम होगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन और श्रद्धालुओं के सहयोग से इस वर्ष भी श्रावणी मेला शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होगा।

श्रावण मास का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं, जलाभिषेक करते हैं और भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। श्रावण मास के दौरान यहां देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। बाबा बासुकीनाथ धाम की यात्रा भी इस धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और व्यवस्थाओं पर असर

श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि झारखंड की स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। मेले के दौरान होटल, परिवहन, पूजा सामग्री, स्थानीय व्यापार और अन्य सेवाओं से जुड़े कारोबार में तेजी आती है।

वहीं, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन पर सुरक्षा, चिकित्सा, यातायात नियंत्रण और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी रहती है।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में कहा कि राज्य सरकार श्रावणी मेले के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के लिए सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए भगवान शिव का आशीर्वाद सभी पर बना रहने की प्रार्थना की।

अपने संदेश के अंत में उन्होंने “बोल बम”, “ॐ नमः शिवाय” और “हर-हर महादेव” का उद्घोष भी किया।

श्रावण मास में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखें, निर्धारित मार्ग का उपयोग करें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और हेल्प डेस्क से सहायता लेना सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।

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