तीन बार के एशियाई पैरा गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का निधन, खेल जगत में शोक की लहर

NEWS SAGA DESK

भारत के जाने-माने पैरा एथलीट नीरज यादव ने अपने घर पर जहर खाकर खुदकुशी कर ली। एशियाई पैरा खेलों में 3 गोल्ड मेडल जीतने वाले 42 वर्षीय खिलाड़ी के इस खौफनाक कदम से खेल जगत में मातम छाया हुआ है।

भारतीय खेल जगत के लिए एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। देश के जाने-माने और सफल पैरा एथलीट नीरज यादव की अचानक हुई मौत से पूरे खेल जगत में शोक और सन्नाटे का माहौल व्याप्त हो गया है। प्राप्त जानकारियों के अनुसार, 42 वर्षीय नीरज यादव ने अपने घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने इस हृदयविदारक घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। हालांकि, इतने बड़े और दिग्गज खिलाड़ी ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसकी वास्तविक और स्पष्ट वजह फिलहाल सामने नहीं आ सकी है। पुलिस और संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है।

भारतीय खेल जगत के लिए एक बेहद दुखद और स्तब्ध
42 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

नीरज यादव 42 वर्ष के थे और वे पैरा एथलेटिक्स की F55 श्रेणी (Category) में भारत का प्रतिनिधित्व करते थे। F55 कैटेगरी में वे एथलीट हिस्सा लेते हैं, जो शारीरिक रूप से बैठने की स्थिति में शॉट पुट (गोला फेंक), डिस्कस थ्रो (चक्का फेंक) और जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) जैसी कठिन स्पर्धाओं में भाग लेते हैं। उनकी असामयिक मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने कहा कि वे इस खबर से बेहद आहत हैं और उन्हें नीरज के इस अतिवादी कदम के पीछे की सटीक वजह की जानकारी नहीं है। उन्होंने इस घटना को पूरे भारतीय खेल समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति और अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

चर्चाओं का बाजार गर्म है कि नीरज यादव हाल के दिनों में अपने करियर को लेकर काफी मानसिक तनाव और अवसाद (Stress) से गुजर रहे थे। दरअसल, वे इस साल आइची-नगोया में आयोजित होने वाले एशियाई पैरा खेलों में हिस्सा नहीं ले पाए थे। डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के कारण उन पर प्रतिबंध (Doping Ban) लगा दिया गया था।

खेल गलियारों में ऐसी चर्चा है कि इस बैन और खेल से दूरी बनने के कारण वे काफी परेशान और हतोत्साहित थे। हालांकि, कोच और खेल संघ का कहना है कि मौत का कारण यही बैन था या कुछ और, इसकी पुष्टि आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। कोच सत्यनारायण ने युवा एथलीटों को संदेश देते हुए कहा कि खिलाड़ियों को अपने खेल जीवन में आने वाली हर चुनौती, असफलता और उतार-चढ़ाव का बेहद धैर्य और मानसिक मजबूती के साथ सामना करना चाहिए।

एशियाई पैरा खेलों में रचा था इतिहास: जीते थे 3 स्वर्ण पदक

नीरज यादव की गिनती भारत के सबसे सफल और प्रभावशाली पैरा एथलीटों में की जाती थी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अभूतपूर्व प्रतिभा का परिचय देते हुए देश के झंडे को हमेशा ऊंचा रखा।

उनके शानदार करियर की प्रमुख उपलब्धियों में एशियाई पैरा खेल सबसे खास रहे:

  • 2018 (जकार्ता एशियाई पैरा खेल): उन्होंने भाला फेंक (Javelin Throw) स्पर्धा में भारत के लिए शानदार स्वर्ण पदक (Gold Medal) हासिल किया।
  • 2023 (हांगझोउ एशियाई पैरा खेल): उन्होंने अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म का प्रदर्शन करते हुए भाला फेंक और चक्का फेंक (Discuss Throw) दोनों स्पर्धाओं में दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया था।

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