विश्वेश्वरैया और शरतचंद्र जयंती पर शुभेंदु अधिकारी ने किया नमन

शुभेंदु अधिकारी ने विश्वेश्वरैया और शरतचंद्र जयंती पर श्रद्धांजलि दी। इंजीनियर्स दिवस पर विश्वेश्वरैया के योगदान और शरतचंद्र की साहित्यिक विरासत को याद किया।

News Saga Desk

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार, 15 सितंबर को भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया और प्रसिद्ध साहित्यकार शरतचंद्र चटर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने समाज माध्यम पर संदेश जारी कर दोनों महान विभूतियों के योगदान को याद किया। शुभेंदु अधिकारी ने विश्वेश्वरैया को देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला कुशल इंजीनियर और प्रशासक बताया, जबकि शरतचंद्र चटर्जी की साहित्यिक प्रतिभा और उनकी कालजयी रचनाओं को स्मरण किया।

विश्वेश्वरैया और शरतचंद्र जयंती हर वर्ष 15 सितंबर को मनाई जाती है। एक ओर यह दिन देश के महान इंजीनियर और प्रशासक मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के सम्मान में इंजीनियर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है, वहीं दूसरी ओर बंगाली साहित्य के लोकप्रिय कथाकार शरतचंद्र चटर्जी की जयंती भी इसी दिन होती है।

विश्वेश्वरैया को शुभेंदु अधिकारी ने किया याद

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को याद करते हुए उन्हें प्रख्यात सिविल इंजीनियर और कुशल प्रशासक बताया। उन्होंने अपनी शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जन्म जयंती पर राष्ट्रीय इंजीनियर्स दिवस की शुभकामनाएं।

शुभेंदु अधिकारी

विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर में हुआ था। इंजीनियरिंग और प्रशासन के क्षेत्र में उनके योगदान को देश में लंबे समय तक याद किया जाता है। उन्होंने सार्वजनिक परियोजनाओं, जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

देश के विकास और जनहित में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 1955 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनकी जयंती को देशभर में इंजीनियर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है।

इंजीनियर्स दिवस का महत्व

विश्वेश्वरैया और शरतचंद्र जयंती के अवसर पर इंजीनियरिंग क्षेत्र में विश्वेश्वरैया की उपलब्धियों को विशेष रूप से याद किया जाता है। शुभेंदु अधिकारी के संदेश में भी उनके तकनीकी ज्ञान, प्रशासनिक क्षमता और राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित किया गया।

इंजीनियर्स दिवस देश में इंजीनियरों की भूमिका और तकनीकी विकास के महत्व को सामने लाने का अवसर देता है। आधुनिक भारत के निर्माण में इंजीनियरिंग, विज्ञान और तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ी है। ऐसे में विश्वेश्वरैया का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है।

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शरतचंद्र चटर्जी को बताया ‘अपराजेय कथाशिल्पी’

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रसिद्ध साहित्यकार शरतचंद्र चटर्जी की जयंती पर भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उन्हें ‘अपराजेय कथाशिल्पी’ बताते हुए साहित्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया।

शरतचंद्र चटर्जी का जन्म 15 सितंबर 1876 को बंगाल के देबानंदपुर में हुआ था। उन्होंने अपने उपन्यासों और कहानियों के जरिए तत्कालीन समाज, परिवार और आम लोगों के जीवन को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी लेखनी में सामाजिक परिस्थितियों, मानवीय भावनाओं और रिश्तों की जटिलताओं का व्यापक चित्रण देखने को मिलता है।

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