West Bengal Helpline पर रोजाना करीब 1000 कॉल आ रहे हैं। अवैध शराब, सिंडिकेट और कटमनी से जुड़ी शिकायतों के साथ अन्य मामलों को भी संबंधित विभागों तक भेजा जा रहा है।
News Saga Desk
West Bengal Helpline राज्य सरकार की नई शिकायत व्यवस्था बनने के साथ ही लोगों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बन गई है। अवैध शराब कारोबार, कटमनी, सिंडिकेट और अवैध रोड टैक्स से जुड़ी शिकायतों के लिए शुरू की गई इस हेल्पलाइन पर प्रतिदिन करीब एक हजार कॉल प्राप्त हो रहे हैं। हालांकि, सरकारी अधिकारियों के अनुसार इनमें से लगभग 90 प्रतिशत शिकायतें निर्धारित श्रेणियों से अलग हैं। इसके बावजूद सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक वास्तविक शिकायत को गंभीरता से लेकर संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा।
West Bengal Helpline पर उम्मीद से ज्यादा शिकायतें
सरकारी सूत्रों के अनुसार, हाल ही में शुरू हुई West Bengal Helpline पर प्रतिदिन औसतन एक हजार फोन कॉल दर्ज किए जा रहे हैं। इन हेल्पलाइन नंबरों का उद्देश्य अवैध शराब कारोबार, कटमनी, सिंडिकेट गतिविधियों और अवैध रोड टैक्स वसूली से संबंधित मामलों की शिकायतें प्राप्त करना और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग इन नंबरों का उपयोग अन्य नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए भी कर रहे हैं। सड़क मरम्मत, स्थानीय विवाद, सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामलों की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं।
हेल्पलाइन शुरू करने का उद्देश्य
राज्य सरकार ने इस पहल की शुरुआत ऐसे मामलों पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए की है, जिनका संबंध अवैध वसूली, सिंडिकेट नेटवर्क और अवैध शराब कारोबार से है। सरकार का मानना है कि West Bengal Helpline के माध्यम से लोगों को सीधे शिकायत दर्ज कराने का अवसर मिलेगा और स्थानीय स्तर पर होने वाली अनियमितताओं पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।

सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
अन्य विभागों तक भी भेजी जा रही हैं शिकायतें
अधिकारियों ने बताया कि हेल्पलाइन पर आने वाली कई शिकायतें निर्धारित चार विषयों से संबंधित नहीं होतीं। इसके बावजूद किसी भी वास्तविक समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।
उत्तर बंगाल का एक मामला इसका उदाहरण है, जहां एक व्यक्ति ने अपने घर के सामने खराब सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर फोन किया। अधिकारियों ने उसे बताया कि यह नंबर अवैध शराब से जुड़ी शिकायतों के लिए है, लेकिन उसकी समस्या को संबंधित विभाग तक भेज दिया गया ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इसी तरह कई नागरिकों ने अन्नपूर्णा योजना सहित विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ नहीं मिलने, आवेदन की स्थिति जानने और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी समस्याओं की शिकायत भी दर्ज कराई।
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निर्धारित मामलों की भी मिल रही हैं शिकायतें
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुल शिकायतों में लगभग 10 प्रतिशत मामले उन्हीं श्रेणियों से जुड़े हैं, जिनके लिए West Bengal Helpline शुरू की गई थी।
इन शिकायतों में अवैध रोड टैक्स वसूली, कथित सिंडिकेट गतिविधियां और उगाही के आरोप प्रमुख हैं। कुछ लोगों ने शिकायत की है कि घर निर्माण के दौरान उन्हें अधिक कीमत पर निर्माण सामग्री खरीदने के लिए मजबूर किया गया और कथित रूप से उगाही का सामना करना पड़ा।
इन मामलों की जांच के लिए पुलिस को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक वास्तविक शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। यदि शिकायत निर्धारित चार श्रेणियों से संबंधित नहीं होती है, तो उसे संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए भेज दिया जाता है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रथम दृष्टया सही पाए जाने वाले मामलों की विस्तृत जांच कराई जाएगी और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
यदि किसी नागरिक को अवैध शराब कारोबार, कटमनी, सिंडिकेट गतिविधियों या अवैध रोड टैक्स से जुड़ी जानकारी या शिकायत दर्ज करानी है, तो वह West Bengal Helpline का उपयोग कर सकता है। वहीं अन्य नागरिक समस्याओं की शिकायतें भी संबंधित विभागों तक भेजी जा रही हैं, जिससे लोगों को प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का अतिरिक्त माध्यम मिल रहा है।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि प्रत्येक वास्तविक मामले पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में इस हेल्पलाइन के जरिए शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
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