News Saga Desk
सरायकेला | झारखंड में कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर शनिवार को सरायकेला जिले में भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ। हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग के सीनी स्टेशन के पास सैकड़ों प्रदर्शनकारी ट्रैक पर बैठ गए, जिससे रेल सेवा कई घंटे बाधित रही।
धरने में महिलाओं और छोटे बच्चों की बड़ी संख्या ने इसे शांतिपूर्ण संघर्ष का रूप दिया, लेकिन पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तनाव भी देखने को मिला। पुलिस ने पहले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर किसी को भी ट्रैक तक नहीं पहुंचने देने का दावा किया था, लेकिन प्रदर्शनकारियों के दबाव के आगे प्रशासन पीछे हट गया।
धरने में शामिल नवीन महतो ने बताया कि कुड़मी समाज पहले एसटी सूची में था, लेकिन षड्यंत्र के तहत इसे हटाया गया। उन्होंने कहा कि सालों से उनकी मांग सरकार तक नहीं पहुंची और अब वे इंतजार नहीं करेंगे। स्थानीय लोगों के अनुसार, आंदोलन ‘रेल टेका डहर छेका’ के नाम से शुरू हुआ है और अनिश्चितकालीन रूप में जारी रहने की योजना है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शकारियों द्वारा हावड़ा-मुंबई मार्ग पर कई ट्रेनों को रोका गया है। लगभग 500 से अधिक लोग धरने में शामिल हैं। पुलिस भीड़ को हटाने का प्रयास कर रही है।
No Comment! Be the first one.