News Saga Desk
मुजफ्फरपुर: जिले के गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनी गांव में हुई हिंसक घटना और मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
घटना की रात छापेमारी टीम में शामिल गायघाट थानाध्यक्ष राजा सिंह समेत आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
पुलिस की भूमिका पर सवाल, हत्या का मामला दर्ज
पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने के बाद थानाध्यक्ष राजा सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
वहीं, पुलिस टीम पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में दो नामजद और 15 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के आधार पर तय होगी जिम्मेदारी
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह प्रभाकर की रिपोर्ट के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
CID जांच और मजिस्ट्रेट निगरानी की पहल
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में अब CID को भी शामिल किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने कई तकनीकी पहलुओं पर CID से राय मांगी है।
साथ ही जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच मजिस्ट्रेट की निगरानी में कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।
अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई
घटना को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर पुलिस की कड़ी नजर है। एसएसपी ने बताया कि भ्रामक पोस्ट साझा करने के आरोप में आधा दर्जन से अधिक सोशल मीडिया हैंडलर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
स्थिति नियंत्रण में, जांच जारी
एसएसपी ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी। उन्होंने कहा कि कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है—चाहे वह पुलिसकर्मी हो या आम नागरिक।
फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच जारी है।
No Comment! Be the first one.