News Saga Desk
दुनिया भर के ईसाई समुदाय के साथ-साथ राजधानी रांची में भी आज खजूर पर्व यानी पाम संडे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। यह दिन ईसा मसीह के यरूशलेम नगर में विजयी प्रवेश की स्मृति में मनाया जाता है, जब उनके अनुयायियों ने खजूर की डालियों से उनका भव्य स्वागत किया था।
राजधानी के विभिन्न गिरजाघरों में श्रद्धालु हाथों में खजूर की डालियां लेकर जुलूस के रूप में चर्च पहुंचे और विशेष मिस्सा-आराधना में शामिल हुए। पूरे माहौल में भक्ति गीतों और प्रार्थनाओं के बीच ईसा मसीह के जयकारों की गूंज सुनाई दी।
पाम संडे के साथ ही ईसाई धर्म में पुण्य सप्ताह (Holy Week) की शुरुआत हो जाती है। इस सप्ताह के अंत में गुड फ्राइडे के दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाए जाने की याद में शोक मनाया जाता है, जबकि रविवार को उनके पुनर्जीवित होने की मान्यता के साथ ईस्टर (पास्का) का पर्व मनाया जाता है।
इस अवसर पर रांची महागिरजाघर में आयोजित विशेष मिस्सा पूजा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बिशप विंसेंट आईन्द ने कहा कि यह दिन ईसा मसीह के यरूशलेम में राजा के रूप में प्रवेश का प्रतीक है, लेकिन वे अन्य राजाओं से भिन्न थे। उन्होंने हाथी-घोड़े के बजाय गधे को अपनी सवारी बनाकर दुनिया को विनम्रता, सादगी और सेवा का संदेश दिया।
“ईसा मसीह ने अपने जीवन और कर्मों से यह सिखाया कि सच्चा नेतृत्व शक्ति और वैभव में नहीं, बल्कि विनम्रता और प्रेम में होता है।”झारखंड में मौसम की आंख मिचौली आज फिर हो सकती है झमाझम बारिश, चल सकती हैं तूफानी हवाएं
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