रांची में आंगनबाड़ी व्यवस्था पर सवाल, सर्वे रिपोर्ट में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप

News Saga Desk

राजधानी रांची के पुरुलिया रोड स्थित सत्य भारती सभागार में शनिवार को “भोजन का अधिकार अभियान झारखंड” की ओर से संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर आंगनबाड़ी सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की गई। इस दौरान संगठन से जुड़े वक्ताओं ने राज्य की आंगनबाड़ी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

वक्ताओं ने कहा कि सर्वेक्षण में यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में मासूम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार डिजिटल माध्यम से आंगनबाड़ी के आंकड़ों में गड़बड़ी और छेड़छाड़ की जा रही है।

संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में वास्तविक रूप से 10 से 12 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, वहां रिकॉर्ड और डिजिटल आंकड़ों में 30 से 35 बच्चों की उपस्थिति दिखाई जा रही है। इससे सरकारी योजनाओं और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति छिपाई जा रही है।

सर्वेक्षण के दौरान कई आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी भी सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक कई केंद्रों में बिजली तक की व्यवस्था नहीं है, जबकि शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर सुविधाओं की कमी के बावजूद डिजिटल रिकॉर्ड में सब कुछ “उपलब्ध” और “पर्याप्त” दिखाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से आंगनबाड़ी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराने और बच्चों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की।

Read More News

Read More